Monday, June 15, 2026

रांची द्वितीय दक्षिण एशियाई थ्रोबॉल चैंपियनशिप 2026 का मेजबानी करेगी.

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रांची: राजधानी रांची 17 और 18 जून को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी करने जा रही है. द्वितीय दक्षिण एशियाई थ्रोबॉल चैंपियनशिप 2026 का आयोजन हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में किया जाएगा. थ्रोबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में दक्षिण एशिया के पांच देशों के लगभग 150 खिलाड़ी भाग लेंगे. साथ ही दो दिनों तक रोमांचक मुकाबलों में प्रदर्शन करेंगे.

इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका की पुरुष और महिला टीमें हिस्सा लेंगी. चैंपियनशिप का उद्घाटन 17 जून को सुबह 11 बजे होगा, जबकि समापन और पुरस्कार वितरण समारोह 18 जून को शाम 4 बजे आयोजित किया जाएगा. प्रतियोगिता को लेकर खेलगांव में तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन समिति खिलाड़ियों तथा अधिकारियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है.

  • रांची को इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी पिछले वर्ष राष्ट्रीय थ्रोबॉल चैंपियनशिप के सफल आयोजन के बाद मिली है. राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रबंधन और खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं को देखते हुए दक्षिण एशियाई स्तर की इस प्रतियोगिता के लिए रांची का चयन किया गया. यह आयोजन झारखंड की बढ़ती खेल क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों को सफलतापूर्वक संचालित करने की क्षमता को भी प्रदर्शित करेगा.
  • झारखंड के लिए यह प्रतियोगिता इसलिए भी खास है, क्योंकि राज्य के दो खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा हैं. अमरदीप पुरुष वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि अरुणा यादव महिला वर्ग में भारतीय टीम की कप्तान के रूप में मैदान में उतरेंगी. अरुणा को टीम की कमान मिलना राज्य के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. उनके नेतृत्व में भारतीय महिला टीम से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है.
  • आयोजन समिति ने खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की है. साथ ही विदेशी खिलाड़ियों को झारखंड की संस्कृति, परंपरा और स्थानीय व्यंजनों से परिचित कराने की भी विशेष योजना बनाई गई है, ताकि उन्हें राज्य की सांस्कृतिक विरासत का अनुभव मिल सके.
  • झारखंड राज्य थ्रोबॉल संघ के चेयरमैन डॉ राजेश गुप्ता ने कहा कि लगातार बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी से झारखंड की पहचान एक उभरते हुए खेल केंद्र के रूप में मजबूत हुई है. उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई चैंपियनशिप राज्य के खिलाड़ियों के लिए सीखने और प्रेरणा प्राप्त करने का बड़ा अवसर साबित होगी.

वहीं झारखंड राज्य थ्रोबॉल संघ के अध्यक्ष वेदांत कौस्तव ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल पदक जीतने का मंच नहीं, बल्कि विभिन्न देशों के बीच खेल भावना, मित्रता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का अवसर भी है. उन्होंने खेल प्रेमियों से बड़ी संख्या में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की. लगभग 150 खिलाड़ियों की भागीदारी वाली यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता रांची के खेल इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने जा रही है, जिस पर पूरे झारखंड की नजरें टिकी हैं.

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