रांची : खेलो इंडिया के तहत आयोजित दो दिवसीय साइकिलिंग वूमेन ट्रैक ईस्ट जोन लीग का शुक्रवार को रांची के खेल गांव स्थित वेलोड्रम स्टेडियम में भव्य शुभारंभ हुआ. पूर्वी भारत की प्रतिभाशाली महिला साइकिलिस्टों की मौजूदगी से पूरा स्टेडियम उत्साह और ऊर्जा से भर उठा. प्रतियोगिता में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम समेत विभिन्न राज्यों की खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डुमरी के विधायक जयराम महतो ने फ्लैग ऑफ कर प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि झारखंड के लिए यह गर्व का क्षण है कि देश के विभिन्न राज्यों की महिला खिलाड़ी बिरसा मुंडा की धरती पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं. उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया योजना के माध्यम से केंद्र सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए लगातार प्रयासरत है और इस तरह की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर देती हैं.
विधायक ने अपने संबोधन में पेरिस ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने जिस तरह पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया, वह पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान खेल मंत्रालय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही उन्होंने खेल गांव में उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं को सुरक्षित रखने और नियमित खेल आयोजनों के जरिए उन्हें सक्रिय बनाए रखने की अपील भी की.
प्रतियोगिता के पहले दिन विभिन्न ट्रैक स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया. तेज रफ्तार, संतुलन और तकनीक का शानदार समन्वय देखने को मिला. दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया.
इस मौके पर झारखंड साइकिलिंग संघ के महासचिव शैलेंद्र कुमार पाठक, कोषाध्यक्ष रणवीर सिंह, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के कार्यक्रम पदाधिकारी धीर सिंह सोरेन, भारतीय साइकिलिंग संघ की एग्जीक्यूटिव कमिटी के सदस्य प्रसन्न रावत, राजीव कुमार मेहरा, पश्चिम बंगाल साइकिलिंग एसोसिएशन के महासचिव अभिजीत सेठ, रितेश झा, पुष्पा हांसदा, चंद्र बहादुर सिंह, जितेंद्र महतो समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
दो दिवसीय इस प्रतियोगिता के माध्यम से पूर्वी जोन की महिला खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच मिला है. आयोजकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाते हैं, बल्कि झारखंड को खेल मानचित्र पर भी सशक्त पहचान दिलाते हैं.


