गढ़वाः जिला में रसोई गैस की किल्लत अब सतह पर दिखने लगी है. गढ़वा जिला पुलिस लाइन का सामूहिक मेस पिछले 10 दिनों से गैस की किल्लत के कारण बंद है. रिजर्व बल का मेस भी बंद होने के कगार पर है. पुलिस के जवान खाना खाने के लिए भटक रहे हैं और उन्हें ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है.
गढ़वा जिला का पुलिस लाइन जहां लगभग 500 पुलिस पदाधिकारी और जवान अपने परिवार के साथ रहते हैं. इसी जगह पर पुलिस का सामूहिक मेस भी है जो पिछले 10 दिनों से रसोई गैस की किल्लत से बंद पड़ा है. अब जवानों को बाहर खाना खाने में परेशानी हो रही है.
इसका मुख्य कारण है कि बाहर खाना खाने में ज्यादा पैसा लग रहा है और खाना भी भरपेट नहीं मिल रहा है जबकि मेस में 60 रुपये में जवानों को एक टाइम का भरपेट खाना खाने को मिलता था. इस संबंध में गैस की किल्लत को लेकर जब पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा वरीय अधिकारियों को सूचना दी गई तो यह जानकर आश्चर्यचकित रह गए कि मेस के गैस का सप्लाई किसी अधिकारी ने ले लिया है. एजेंसी से एलपीजी सिलेंडर का उठाव तो हुआ लेकिन वह मेस तक नहीं पहुंचा और पुलिस अधिकारियों के आवास तक पहुंचाया गया.
इस बात की जानकारी देते हुए जिला पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि कुशवाहा ने कहा कि ऐसे करेंगे तो हम पुलिस जवानों को कैसे खाना खिलाए और किसके भरोसे पर छोड़ें. वहीं रिजर्व बल का मेस आज से बंद हो जाएगा क्योंकि यहां के लगभग 50 जवान पश्चिम बंगाल में चुनाव कराने गए हैं. शेष बचे जवान किसी तरह एक ही गैस सिलेंडर के भरोसे हैं यहां भी कल से मेस बंद होने के आशंका जताई जा रही है.
वहीं पुलिस लाइन मेस के मैनेजर ने कहा कि हमारे मेस में 200 जवान रजिस्टर्ड हैं जो दो टाइम खाना खाते हैं. रसाई गैस नहीं रहने के कारण पिछले 10 दिनों से मेस बंद है. पुलिस के जवान बाहर होटलों में ज्यादा पैसा देकर खाना खाने को मजबूर हैं जबकि शहर में गैस की किल्ल्त के चलते होटल भी बंद होने की कगार पर हैं.
हालांकि इस संबंध में डीसी दिनेश यादव ने सभी एलपीजी वितरक एवं कंपनी के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर गैस की कीमत को दूर करने का निर्देश दिया है. वहीं उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच गैस सप्लाई में थोड़ी-बहुत दिक्कतें आई हैं. लेकिन कंपनी के लोगों ने आश्वस्त किया है कि गैस की किल्लत नहीं होने दी जाएगी. फिलहाल थोड़ी सी दिक्कत होगी तो उसके लिए लोगों को घबराने होने के जरूरत नहीं है.


