Tuesday, April 7, 2026

गोड्डा में CCTV यूनिपोल्स पर अवैध बैनर, कैमरों से छेड़खानी और चोरी

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कंपनी का दावा—कई वर्षों से जारी है अवैध बैनरबाजी, कैमरों से छेड़छाड़ और कर्मचारियों पर हमले;

गोड्डा – गोड्डा सहर में एक लंबे समय से चल रही अवैध गतिविधियों और सार्वजनिक निगरानी प्रणाली में हस्तक्षेप से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय प्रिंटिंग प्रेस संचालक संतोष मंडल (मंडल प्रेस) पर शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे CCTV आधारित यूनिपोल्स पर अवैध रूप से बैनर लगाने, कैमरों को नुकसान पहुँचाने, कैमरे चोरी होने, तथा कंपनी के कर्मचारियों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

गोड्डा सहर में सीसीटीवी आधारित यूनिपोल्स पर अवैध बैनर लगाना, कैमरों की क्षति व चोरी—संतोष मंडल पर गंभीर आरोप
कंपनी को नगर परिषद, गोड्डा से अनुबंध प्राप्त है।


गोड्डा सहर में सीसीटीवी आधारित यूनिपोल्स पर अवैध बैनर लगाना, कैमरों की क्षति व चोरी—संतोष मंडल पर गंभीर आरोप
कंपनी को नगर परिषद, गोड्डा से अनुबंध प्राप्त है।
अवैध बैनर लगाने का आरोप — कई वर्ष से जारी गतिविधि
कंपनी का कहना है कि संतोष मंडल पिछले कई वर्षों से अवैध रूप से बैनर लगा रहे हैं, जिनमें “कमला पसन्द” सहित कई निजी विज्ञापन शामिल हैं, जिनकी प्रिंटिंग मंडल प्रेस द्वारा की जाती है।
इन बैनरों के लिए:
• न कंपनी से अनुमति ली गई,
• न उपयुक्त कार्यालय, नगर परिषद और अन्य कार्यालय से कोई आधिकारिक सूचना जारी हुई,
• न कोई लिखित मंजूरी दी गई।
यह सीधे-सीधे नगर परिषद के साथ किये गए अनुबंध का उल्लंघन है।
अधिकारियों व स्थानीय नेताओं के नाम का दुरुपयोग
कंपनी का आरोप है कि संतोष मंडल कभी:
• किसी अधिकारी का नाम,
• कभी किसी स्थानीय राजनेता का प्रभाव,
• और कभी किसी अन्य व्यक्ति का हवाला देकर
अवैध कार्य को उचित ठहराने का प्रयास करते हैं।
CCTV कैमरों से छेड़छाड़ और चोरी
कंपनी के अनुसार, कई बार• सीसीटीवी कैमरों को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया,
• उनकी वायरिंग काटी गई,
• और एक कैमरा चोरी भी हो गया,
जिसके लिए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
मजदूरों और टेकनीशियनों के साथ मारपीट
जब भी कंपनी अवैध बैनरों को हटाने या यूनिपोल की मरम्मत के लिए अपने कर्मचारी भेजती है, संतोष मंडल और उनके सहयोगियों द्वारा उन्हें:
डराया-धमकाया जाता है,
गाली-गलौज की जाती है,
और कई बार शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाता है।

  • 20/11/2024 को सुबह 6:00 बजे जब कर्मी कारगिल चौक अनधिकृत बैनर हटा रहें थे तभी संतोष मंडल अपने साथियों के साथ उसके पास आया और उसे अनुचित तरीके से गाली देना शुरू कर दिया, कर्मी का कॉलर पकड़ कर पीटा और शारीरिक रूप से पड़ताड़ित किया। उसने कहा कि “तुम मेरी अनुमति के बिना बैनर क्यों हटा रहे हैं, तुम्हें बैनर हटाने के लिए किसने कहा” तब उसने कहा कि ये बैनर उपयुक्त कार्यालय और नगर परिषद की अनुमति से लगाए गए थे लेकिन नगर परिषद ने इस बारे में कंपनी को कोई नोटिस या जानकारी नहीं दी। तब कर्मी ने कहा कि कृपया इन यूनिपोल के मालिक कंपनी से अनुमति लें यदि कंपनी कहती है तो मैं बैनर लगाऊंगा जो मैंने हटा दिया, लेकिन यह सुनकर संतोष मंडल ने उस कर्मी से जबरदस्ती एक वीडियो शूट करवाया और उसे जबरदस्ती दुहराने के लिए कहा कि अगर कंपनी कहती है तो मैं बैनर लगाऊंगा।
  • कंपनी के एक कर्मी ने आरोप लगाया कि संतोष मंडल ने कहा— ये सारे बैनर नगर परिषद के अनुमति से लगाए गए थे। और अधिकारी ने मुझे कहा है कि तुम्हारे (कंपनी के) लोगों को काम करने से रोको और न माने तो मारो।
  • यह कथन न केवल कानून का घोर उल्लंघन है बल्कि प्रशासन की छवि को भी धूमिल करता है।
  • सवाल उठता है—संतोष मंडल को यह अधिकार किसने दिया?
  • कंपनी का कहना है कि:
  1. यदि बैनर उपयुक्त कार्यालय और नगर परिषद की अनुमति से लगाए गए थे,
    तो यह मामला उपयुक्त कार्यालय और नगर परिषद और कंपनी के बीच है।
    ऐसे में संतोष मंडल किस अधिकार से बीच में आते हैं?
  2. यदि कंपनी के कर्मचारी ने बैनर हटाया,
    तो संतोष मंडल को लिखित शिकायत करनी चाहिए थी।
    लेकिन उन्होंने शारीरिक हमला किया—
    जो यह प्रश्न उठाता है कि उन्हें यह शक्ति किसने दी?
  3. क्या वह प्रशासनिक अधिकारी हैं?
    क्या उन्हें आदेश देने की वैध शक्ति किसी ने दी?
    या केवल एक निजी प्रिंटिंग प्रेस संचालक होने के बावजूद वह कानून को चुनौती दे रहे हैं?

चार यूनिपोल काट कर गिरने का भी आरोप
कंपनी ने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले समय में संतोष मंडल ने जानबूझकर चार CCTV आधारित यूनिपोल्स को क्षतिग्रस्त किया या काटकर गिरा दिया, जिससे सुरक्षा तंत्र को गंभीर नुकसान पहुँचा।
शहर की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में
इन सभी घटनाओं का सीधा असर:
• अपराध नियंत्रण,
• महिला सुरक्षा,
• ट्रैफिक मॉनिटरिंग,
• और संपूर्ण शहरी निगरानी
पर पड़ रहा है, जो जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

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