मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में लोग भीषण गर्मी और उमस से बेहाल हैं बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बने रहने का अनुमान जताया है। चिकित्सकों ने बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों से सतर्क रहने की सलाह दी है खासकर दूषित पानी और भोजन से बचने की।
आधा सावन बीतने के बाद भी अब तक अच्छी बारिश का इंतजार है। रोज-रोज की उमस भरी गर्मी से लोग त्रस्त हैं। बुधवार को भी देर शाम तक यही स्थिति बनी रही। उमस की स्थिति ऐसी थी कि छांव में तो छोड़िए पंखे में बैठने के बाद भी राहत की अनुभूति नहीं हो रही थी।
पूरा शरीर पसीने से तर-बतर था। हवा नहीं चलने के कारण भी कभी-कभी सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान (Bihar Weather Update) में बताया गया है कि तीन से चार दिनों तक यही स्थिति कायम रहेगी। उत्तर बिहार के जिलों में ज्यादातर स्थानों पर कम वर्षा या लगभग शुष्क-स्थिति बरकरार रहने की संभावना है। कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है।
इस अवधि में अधिकतम तापमान 35-38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 27-29 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रह सकता है। पूर्वानुमानित अवधि में औसतन 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया हवा चलने का अनुमान है।
बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से करीब 5.4 डिग्री अधिक है। करीब डेढ़ महीने से अधिक समय बाद 38 डिग्री सेल्सियस तक अधिकतम तापमान पहुंचा है।
बरसात के मौसम में किट-पतंग, सांप व बिच्छू से रहें सतर्क: डॉ. दीपक
मोतिहारी शहर के बैंक रोड स्थित अमन हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. दीपक कुमार ने बरसात के मौसम में होने वाले बीमारियों के विषय में चर्चा करते हुए बुधवार को बताया कि बरसात के मौसम में मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू, सर्दी, जुकाम, त्वचा रोग, जॉन्डिस आदि का प्रकोप बढ़ जाता है। बरसात के मौसम में सांप, बिच्छू, किट-पतंग भी काफी परेशान करते है। वहीं, बरसात में जल-जमाव होने से मच्छरों की संख्या काफी बढ़ जाती है, जो कई बीमारियों का कारण बनती हैं।
डॉ. दीपक ने कहा कि पानी दूषित होने से कई तरह की बीमारियां होती है। बरसात के मौसम में जीवाणु और विषाणु का ग्रोथ तेजी से बढ़ता है, जिस कारण से संक्रामक रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। कहा कि टाइफाइड, बुखार, जांडिस, दूषित पानी एवं भोजन करने से होता है। इस तरह के लक्षण मिलने पर तुरंत चिकित्सक से मिलें।


