मोतिहारी सदर अंचल में ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट बनाने की प्रक्रिया सख्त कर दी गई है. अब आवेदन के साथ जमीन की रसीद लगाना अनिवार्य होगा. पहले गलत तरीके से कई अपात्र लोगों को प्रमाण पत्र मिल रहा था.
मोतिहारी में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) सर्टिफिकेट बनाने की प्रक्रिया अब सख्त कर दी गई है. अंचल प्रशासन का कहना है कि पहले बिना सही जांच के कई लोगों को यह प्रमाण पत्र मिल जा रहा था. इसके कारण ऐसे लोग भी लाभ उठा रहे थे, जो सरकार द्वारा तय मानकों पर खरे नहीं उतरते थे.
क्या बोले आरओ
राजस्व अधिकारी (आरओ) नवनीत प्रकाश ने बताया कि केंद्र सरकार के नियमों का पालन नहीं हो रहा था. जांच में सामने आया कि किराये के मकान में रहने वाले लोग और नगर निगम इलाके में 100 गज जमीन रखने वाले व्यक्तियों को भी ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया था. यूपीएससी, बीपीएससी और अन्य सरकारी संस्थानों की जांच में यह गड़बड़ी सामने आई. इसके बाद अब वेरिफिकेशन प्रक्रिया कड़ी की गई है.
जमीन का रसीद लगाना अनिवार्य होगा
नई व्यवस्था के तहत अब ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करने वालों को जमीन का रसीद लगाना अनिवार्य होगा. प्रशासन का कहना है कि जमीन की रसीद से आवेदक की संपत्ति और निवास की सही जानकारी मिल सकेगी. आरओ ने साफ किया कि जमीन की रसीद को निवास का सही प्रमाण माना जाता है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार आधार कार्ड को निवास प्रमाण नहीं माना जाता.
आर्थिक रूप से कमजोर छात्र क्या बोले
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों ने शिकायत की है कि सख्ती के कारण उनके आवेदन तेजी से खारिज किए जा रहे हैं. इससे बच्चों के स्कूल नामांकन और विभिन्न परीक्षाओं के फॉर्म भरने में परेशानी हो रही है. लोगों का कहना है कि जांच जरूरी है, लेकिन जो सही हकदार हैं, उन्हें सर्टिफिकेट जरूर मिलना चाहिए. प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही योग्य लोगों को ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र दिया जाएगा.


