पाकुड़: राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार बुधवार को पाकुड़ पहुंचे. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समहरणालय के सभागार में संथाल परगना के गोड्डा, साहिबगंज एवं पाकुड़ जिले के जिला निर्वाचन पदाधिकारी के साथ बैठक की. बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने चल रहे मैपिंग कार्य की समीक्षा की और इस दौरान उत्पन्न समस्याओं के बारे में जाना.
समीक्षा के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि पीटीजी वर्ग के मतदाताओं को एसआईआर के दौरान किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इस पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया अनमैप्ड मतदाताओं का नाम बीएलओ द्वारा मैपिंग कराया जा रहा है. यदि किसी का नाम 2003 के मतदाता सूची में नहीं है, वैसे मतदाता अपने माता-पिता का नाम सूची से मिलान कराएंगे. इसके लिए कोई कागजात देने की आवश्यकता नहीं है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि मतदाताओं का नाम न छूटे इस पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि 30 जून से दो फॉर्म मतदाताओं को दिया जाएगा, जिसे मतदाता अपने बीएलओ के पास जमा करेंगे. इसमें एक कॉपी उसे प्राप्ति के रूप में मतदाता को वापस किया जाएगा.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में नए मतदाताओं को जोड़ने के भी प्रावधान हैं. उन्होंने कहा कि भारत के वे सभी पात्र नागरिक जो मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हैं और 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर रहे हैं, वे इन्यूमरेशन फेज (30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026) और दावे एवं आपत्ति अवधि (5 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026) के दौरान, स्वयं या माता-पिता में से किसी एक या स्वयं और माता-पिता दोनों के लिए अपनी जन्मतिथि के आधार पर घोषणा पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रपत्र-6 में आवेदन जमा कर सकते हैं.
बैठक में पाकुड़ जिला निर्वाचन पदाधिकारी मेघा भारद्वाज, गोड्डा जिला निर्वाचन पदाधिकारी लोकेश मिश्रा, साहिबगंज जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपक कुमार दुबे के अलावा जिले के ईआरओ, एईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी आदि मौजूद थे.


