रांचीः SIR को लेकर चुनाव आयोग इन दिनों अपनी तैयारियों को अंतिम रुप देने में जुटा है. सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक की.
इस दौरान उन्होंने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों के लिए निर्देश प्राप्त हुए हैं. उन्होंने कहा कि पदाधिकारी आगामी एसआईआर में सुविधा के लिए वर्तमान मतदाता सूची का 2003 के मतदाता सूची से अधिक से अधिक मैपिंग करना सुनिश्चित करें.
उन्होंने कहा कि जितने अधिक मतदाताओं का 2003 के मतदाता सूची से पैरेंटल मैपिंग हो जाता है, उन्हें इन्यूम्यूरेशन फॉर्म भरने में आसानी हो सकेगी. बता दें कि तीन चरण में हो रहे एसआईआर के प्रारंभिक चरण पूरे होने के बाद दूसरे चरण में आगामी फरवरी महीने से वोटर वेरिफिकेशन का काम शुरू होने वाला है.
कोताही बर्दाश्त नहीं, लापरवाही बरतने वाले पर होगी कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय निर्वाचन सदन से ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ हुए इस बैठक में एसआईआर को लेकर समीक्षा की गई. इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि निर्वाचन से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है. अगर निर्वाचन के कार्य में कोई बीएलओ आनाकानी करते हैं तो उनका रिपोर्ट विभाग को भेजें एवं निलंबन की प्रक्रिया करते हुए नए बीएलओ नियुक्त करें.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि सभी स्तर के पदाधिकारियों को निर्वाचन के लिए आवंटित कार्य को करना अनिवार्य है, इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समीक्षा के क्रम में सभी जिलों के मतदाता सूची के मैपिंग की बिंदुवार समीक्षा की.
इस समीक्षा के क्रम में जमीनी स्तर पर आ रहे परेशानियों को समाप्त करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए. उन्होंने सभी पदाधिकारियों को फील्ड विजिट कर मतदाता सूची के मैपिंग की समस्याओं का निरीक्षण करते हुए उसके समाधान एवं कार्य में तीव्रता लाने के निर्देश दिए


