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मुंबई: मुंबई के पूर्व दिग्गज स्पिनर पद्माकर काशीनाथ शिवालकर, जिन्हें क्रिकेट जगत में पैडी के नाम से जाना जाता था, उनका सोमवार को मुंबई में निधन हो गया. शिवालकर 84 वर्ष के थे. उनके निधन की खबर की पुष्टि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने की है. शिवालकर यकीनन सबसे महान क्रिकेटर थे जो भारत के लिए नहीं खेल सके.
मुंबई के दिग्गज स्पिनर का हुआ निधन
उम्र संबंधी समस्याओं के कारण दिवंगत हुए शिवालकर दुनिया छोड़कर चले गए. क्रिकेटर उनको श्रद्धांजलि दे रहे हैं. बाएं हाथ के स्पिनर शिवालकर ने 1961-62 और 1987-88 के बीच 124 प्रथम श्रेणी मैच खेले और 19.69 की औसत से 589 विकेट लिए. बीसीसीआई ने उन्हें 2017 में सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया.
रवि शास्त्री ने पोस्ट कर दी श्रद्धांजलि
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर और कोच रवि शास्त्री ने अपनी संवेदना व्यक्त की है. एक्स पर एक पोस्ट में शास्त्री ने कहा, ‘पैडी शिवालकर के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ. एक अद्भुत, दयालु व्यक्ति, एक शानदार गेंदबाज और मेरे करियर के शुरुआती दिनों में एक बड़ी प्रेरणा. परिवार के प्रति संवेदना, और भगवान उनकी आत्मा को शांति दे’.
नाइक ने भी दुख व्यक्त किया और शिवालकर को श्रद्धांजलि दी. ईटीवी भारत को दिए संदेश में नाइक ने कहा, ‘मुंबई क्रिकेट ने आज एक सच्चा दिग्गज खो दिया है. पद्माकर शिवालकर सर का खेल में योगदान, खासकर अब तक के सबसे बेहतरीन स्पिनरों में से एक के रूप में, हमेशा याद किया जाएगा’.
नाइक ने कहा, ‘मुंबई क्रिकेट पर उनका समर्पण, कौशल और प्रभाव अद्वितीय है. उनका निधन क्रिकेट जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे’. एमसीए ने भी दुख व्यक्त किया. शिवालकर ने अपनी आत्मकथा ‘हा चेन्दु दैवगतिचा’ लिखी, जिसमें उन्होंने अपनी रोचक यात्रा का वर्णन किया है.


