मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार की सुबह राहत भरी रही. पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद, आज घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स—सेंसेक्स और निफ्टी—शानदार बढ़त के साथ खुले. बाजार में इस तेजी का मुख्य कारण पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तनाव कम होने की खबरें और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है.
कारोबार की शुरुआत में BSE सेंसेक्स 352 अंकों की बढ़त के साथ 74,559 के स्तर पर खुला. हालांकि, कुछ ही मिनटों में लिवाली इतनी तेज हुई कि सेंसेक्स 891 अंक (1.20%) उछलकर 75,000 के करीब पहुंच गया. वहीं, NSE निफ्टी भी 108 अंकों की तेजी के साथ 23,110 पर खुला और जल्द ही 279.7 अंक (1.21%) की बढ़त के साथ 23,281.85 के स्तर को छू लिया.
सेक्टरवार प्रदर्शन
आज के कारोबार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है.
- PSU बैंक: सबसे ज्यादा तेजी सरकारी बैंकिंग शेयरों में देखी गई, जो 2% से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं.
- IT और एनर्जी: आईटी इंडेक्स में 2% और एनर्जी सेक्टर में 1.7% का उछाल दर्ज किया गया.
- अन्य: ऑटो, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी निवेशकों ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई, जिससे बाजार का सेंटिमेंट सकारात्मक बना हुआ है.
कच्चे तेल में गिरावट का फायदा
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर कमोडिटी बाजार से आई. इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के डी-एस्केलेशन (तनाव कम होने) के संकेतों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 3.39% की गिरावट आई और यह 104.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. कच्चे तेल का सस्ता होना भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए महंगाई और चालू खाता घाटे (CAD) को कम करने में मददगार साबित होता है.
विशेषज्ञों की राय और आंकड़े
चॉइस ब्रोकिंग के विश्लेषक हितेश टेलर के अनुसार, बाजार में अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है. निफ्टी के लिए 23,200–23,250 का स्तर एक मजबूत रेजिस्टेंस (बाधा) बना हुआ है, जबकि 22,850–22,900 पर अच्छा सपोर्ट दिख रहा है.
संस्थागत निवेश की बात करें तो, गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 7,558 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) द्वारा 3,864 करोड़ रुपये की खरीदारी ने बाजार को पूरी तरह टूटने से बचा लिया. आज की तेजी इसी घरेलू समर्थन और वैश्विक राहत का परिणाम है.


