रांची | 30 अक्टूबर 2026
पढ़ाई का दबाव, पारिवारिक अपेक्षाएं और भविष्य की चिंता विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को रांची के मारवाड़ी कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती और तनाव से निपटने के तरीकों पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार के निर्देशन में हुआ।
शिवानी परमार और विवाराज श्री वर्मा ने दिए सुझाव
कार्यक्रम में शिवानी परमार और विवाराज श्री वर्मा ने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनने और मुश्किल परिस्थितियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने के तरीके बताए। वक्ताओं ने कहा कि पढ़ाई का दबाव, माता-पिता की उम्मीदें, रिश्तों से जुड़ी परेशानियां, असफलता का डर और दूसरों से अपनी तुलना करना विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।
भावनाओं को समझना भी है मानसिक मजबूती
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मानसिक मजबूती का मतलब अपनी भावनाओं को दबाना नहीं, बल्कि उन्हें समझना और सही तरीके से संभालना है। इसके लिए आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और धैर्य बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि परेशानी होने पर उसे अपने तक सीमित न रखें। अपनी बात परिवार, मित्रों या किसी विश्वसनीय व्यक्ति के साथ साझा करें। जरूरत पड़ने पर मदद लेने में भी संकोच नहीं करना चाहिए।
संतुलित फैसले लेने पर भी हुई चर्चा
सत्र के दौरान कठिन परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उनके समग्र व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि मानसिक रूप से मजबूत होने का अर्थ परेशानियों से पूरी तरह मुक्त रहना नहीं है, बल्कि मुश्किल समय में अपनी भावनाओं को समझते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना है।
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