रांची, 16 अक्टूबर 2026: झारखंड में 300 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों के संपत्ति विवरण से जुड़ा मामला सामने आया है। निर्धारित समय पर ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) पोर्टल पर संपत्ति का ब्योरा दर्ज नहीं कर पाने के कारण इन पुलिसकर्मियों के सामने प्रोन्नति और एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) का लाभ प्रभावित होने की आशंका है। पुलिस एसोसिएशन का कहना है कि कई कर्मी जनवरी-फरवरी में अभियान और जरूरी ड्यूटी में तैनात होने के कारण समय पर विवरण जमा नहीं कर सके।
एसोसिएशन के मुताबिक, प्रभावित पुलिसकर्मियों को एक और मौका देने के लिए कार्मिक विभाग से पोर्टल दोबारा खोलने का अनुरोध किया गया। इस मामले में वित्त मंत्री और गृह सचिव की ओर से भी पहल किए जाने का दावा है, लेकिन खबर प्रकाशित होने तक पोर्टल दोबारा खोलने की कार्रवाई नहीं हुई थी।
वित्त मंत्री ने कार्मिक सचिव को लिखा पत्र
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अनुरोध पर राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो से इस मामले में बात की और पत्र लिखकर पुलिसकर्मियों की समस्या का समाधान करने को कहा।
रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने HRMS पोर्टल दोबारा खोलने का निर्देश देते हुए यह भी कहा था कि यदि इसमें कोई वैधानिक कठिनाई है, तो 14 अक्टूबर तक लिखित रूप में इसकी जानकारी दी जाए। हालांकि, खबर के मुताबिक, मंत्री कार्यालय को कार्मिक विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
गृह सचिव के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
इससे पहले गृह सचिव वंदना दादेल ने भी कार्मिक सचिव से बात की थी। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर गृह विभाग के अपर सचिव ने 12 अक्टूबर को पोर्टल खोलने का अनुरोध करते हुए पत्र भेजा।
पुलिस एसोसिएशन का आरोप है कि इन प्रयासों के बाद भी कार्मिक विभाग ने पोर्टल दोबारा खोलने की पहल नहीं की। इस मामले में कार्मिक विभाग का पक्ष रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
जनवरी-फरवरी में जमा करना होता है संपत्ति का ब्योरा
नियमित प्रक्रिया के तहत राज्य के पुलिसकर्मियों और पदाधिकारियों को हर साल जनवरी और फरवरी में HRMS पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण देना होता है। एसोसिएशन का कहना है कि कुछ पुलिसकर्मी अभियान और आवश्यक ड्यूटी में तैनात रहने के कारण निर्धारित अवधि में विवरण जमा नहीं कर सके।
अब चिंता यह है कि जनवरी-फरवरी 2027 में पोर्टल खुलने पर वे वर्ष 2026 की संपत्ति का विवरण तो जमा कर पाएंगे, लेकिन वर्ष 2025 का ब्योरा दर्ज करने का अवसर नहीं मिल पाएगा।
प्रोन्नति और ACP लाभ पर असर की आशंका
पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं होने से संबंधित कर्मियों की प्रोन्नति और ACP लाभ प्रभावित हो सकते हैं। इससे उनके बैच में वरिष्ठता और आर्थिक लाभ पर भी असर पड़ने की आशंका है।
एसोसिएशन का कहना है कि यह मामला वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि निर्धारित अवधि में विवरण जमा नहीं कर पाने का है। इसलिए प्रभावित पुलिसकर्मियों को एक अतिरिक्त अवसर दिया जाना चाहिए।
फिलहाल, पोर्टल दोबारा खोलने को लेकर कार्मिक विभाग की ओर से किसी निर्णय या आधिकारिक स्पष्टीकरण की जानकारी सामने नहीं आई है।
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