भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन राहत भरा रहा. पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी भारी बिकवाली के बाद, हफ्ते के पहले दिन शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में सुधार देखा गया. यह रिकवरी मुख्य रूप से दिग्गज शेयरों जैसे एचडीएफसी बैंक और एसबीआई में हुई ‘वैल्यू बाइंग’ (सस्ते भाव पर खरीदारी) की वजह से संभव हुई है.
शुरुआती कारोबार का हाल
सोमवार सुबह बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई थी. एक समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 179.31 अंक गिरकर 74,384.61 पर आ गया था, वहीं निफ्टी भी 53.1 अंक फिसलकर 23,098 के स्तर पर पहुंच गया था. हालांकि, निचले स्तरों पर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से बाजार ने जोरदार वापसी की. कुछ ही समय में सेंसेक्स 342.02 अंक चढ़कर 74,899.76 पर और निफ्टी 88.55 अंक की बढ़त के साथ 23,240.95 पर कारोबार करने लगा.
किन शेयरों में रही हलचल?
सेंसेक्स की शीर्ष 30 कंपनियों में से अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन), भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी बैंक और आईटीसी (ITC) सबसे ज्यादा मुनाफे में रहे. इन शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया. दूसरी ओर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, ट्रेंट और टीसीएस (TCS) जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार की बढ़त पर कुछ हद तक अंकुश लगा.
वैश्विक संकेतों का प्रभाव
एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुख रहा. दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और चीन का शंघाई कंपोजिट लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ खुला. अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर सुबह के कारोबार में भारतीय बाजार पर भी दिखा.
कच्चा तेल और भू-राजनीतिक तनाव
बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत बढ़कर 104.2 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे हफ्ते बाजार की दिशा पश्चिम एशिया (ईरान, इजरायल और अमेरिका) में जारी तनाव और कच्चे तेल की चाल पर टिकी रहेगी. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए होने वाली शिपिंग में बाधा की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है.
निवेशकों का डेटा (FII और DII)
शुक्रवार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से 10,716.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो एक बड़ी निकासी थी. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने मोर्चा संभालते हुए 9,977.42 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिससे बाजार को पूरी तरह धराशायी होने से बचाने में मदद मिली.
पिछले शुक्रवार को सेंसेक्स में 1,470.50 अंक और निफ्टी में 488.05 अंक की बड़ी गिरावट देखी गई थी. आज की बढ़त ने निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन तेल की कीमतें और वैश्विक युद्ध के हालात अभी भी बाजार के लिए जोखिम बने हुए हैं.


