Friday, February 13, 2026

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट रही, सेंसेक्स और निफ्टी 1.25% टूटे।

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 का दिन भारी गिरावट वाला रहा. मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (Sensex) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) दोनों ही लगभग 1.25% से ज्यादा टूटकर बंद हुए. लगातार दूसरे दिन बाजार में बिकवाली का माहौल रहा, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए.

बाजार के मुख्य आंकड़े
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,048 अंक (1.25%) गिरकर 82,626 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 336 अंक (1.30%) की गिरावट के साथ 25,471 पर आ गया. बाजार की इस गिरावट में सबसे ज्यादा मार मेटल (धातु) और आईटी शेयरों पर पड़ी.

गिरावट की बड़ी वजहें
बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे प्रमुख कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी वैश्विक चिंताएं रहीं. जानकारों के मुताबिक, दुनिया भर में AI के बढ़ते प्रभाव से भारत के आउटसोर्सिंग मॉडल (IT सेक्टर) को होने वाले नुकसान की आशंका ने निवेशकों को डरा दिया है. इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी दबाव बनाया. शुक्रवार को भारतीय रुपया 6 पैसे गिरकर 90.61 के स्तर पर बंद हुआ.

सेक्टर का हाल
मेटल स्टॉक्स (Metal Stocks): मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा 3.31% की गिरावट देखी गई. हिंडाल्को, टाटा स्टील और वेदांता जैसे शेयरों में भारी बिकवाली हुई. वैश्विक स्तर पर टैरिफ नीतियों में बदलाव की सुगबुगाहट ने इन शेयरों को नीचे धकेला

आईटी सेक्टर (IT Sector): आईटी इंडेक्स में एक समय 4% से ज्यादा की गिरावट थी, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी हुई और यह 1.44% नीचे बंद हुआ.

अन्य सेक्टर: रियल्टी (2.23%), एफएमसीजी (1.90%) और बैंकिंग शेयरों में भी तगड़ी गिरावट रही. बाजार की हालत इतनी खराब थी कि निफ्टी के 50 में से 44 शेयर लाल निशान (Red Zone) में बंद हुए.

छोटे और मझोले शेयरों की स्थिति
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी क्रमश: 1.71% और 1.79% टूटे. इसका मतलब है कि बाजार में चौतरफा बिकवाली थी और निवेशकों ने जोखिम लेने के बजाय पैसा निकालने में ही भलाई समझी

विशेषज्ञों की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अब अपने महत्वपूर्ण औसत स्तरों (Moving Averages) से नीचे चला गया है, जो आने वाले समय में और कमजोरी का संकेत दे सकता है. वर्तमान में बाजार ‘रिस्क-ऑफ’ (Risk-off) मोड में है, जहां निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर भाग रहे हैं.

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