भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन शानदार रहा. वैश्विक मोर्चे पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की खबरों ने निवेशकों में नई जान फूंक दी. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते विवाद के सुलझने के संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक—सेंसेक्स और निफ्टी—डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए.
बाजार का हाल
बुधवार को कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सूचकांक ‘सेंसेक्स’ 1.64 प्रतिशत या 1,264 अंकों की भारी बढ़त के साथ 78,111.24 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का ‘निफ्टी 50’ भी 388.65 अंक (1.63%) उछलकर 24,231.30 पर पहुंच गया. बाजार में इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 9 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ.
तेजी की मुख्य वजह
बाजार में आई इस सुनामी जैसी तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी संघर्ष अब खत्म होने की कगार पर हो सकता है. दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता की संभावनाओं ने वैश्विक बाजारों में ‘रिस्क-ऑन’ सेंटिमेंट (जोखिम लेने की क्षमता) को बढ़ावा दिया. इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी भारतीय बाजार को सहारा दिया. ब्रेंट क्रूड फिसलकर 94-95 डॉलर प्रति बैरल के पास आ गया है, जिससे भारत के आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद है.
सेक्टर और शेयरों का प्रदर्शन
आज की तेजी चौतरफा रही. विशेष रूप से कंस्ट्रक्शन, आईटी (IT) और मीडिया सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई. निफ्टी के टॉप गेनर्स में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), मैक्स हेल्थकेयर, पावर ग्रिड और इटरनल शामिल रहे. दिग्गज आईटी कंपनियों और रेलवे पीएसयू स्टॉक्स में भी निवेशकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई. हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU Banks) आज बाजार की इस दौड़ में थोड़े पीछे छूट गए.
मिडकैप और स्मॉलकैप में धूम
आज बड़े शेयरों के मुकाबले छोटे और मझोले शेयरों ने ज्यादा दम दिखाया. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2.20 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए. यह दर्शाता है कि खुदरा निवेशक अब बाजार में फिर से सक्रिय हो रहे हैं.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी तौर पर निफ्टी के लिए 24,300-24,400 का स्तर एक महत्वपूर्ण बाधा है. यदि निफ्टी इस स्तर को पार कर जाता है, तो आने वाले दिनों में यह 24,800 से 25,000 के स्तर को भी छू सकता है. नीचे की ओर 24,000 का स्तर अब एक मजबूत सपोर्ट का काम करेगा.


