Friday, February 13, 2026

भारतीय रेलवे ने अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर में इमरजेंसी कोटा शुरू किया है, जिससे आपात स्थिति में जरूरतमंद यात्रियों को कन्फर्म सीटें मिलेंगी.

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नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और आपातकालीन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. रेलवे बोर्ड के नए सर्कुलर के मुताबिक, अब देश की सबसे आधुनिक ट्रेनों—अमृत भारत एक्सप्रेस और वंदे भारत स्लीपर—में भी ‘इमरजेंसी कोटा’ (EQ) की सुविधा मिलेगी. इससे पहले इन प्रीमियम ट्रेनों में यह व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी, जिससे इमरजेंसी में यात्रा करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.

क्या है इमरजेंसी कोटा (EQ)?
इमरजेंसी कोटा रेलवे की एक विशेष व्यवस्था है, जिसमें हर ट्रेन में कुछ सीटें सुरक्षित रखी जाती हैं. यह उन लोगों के लिए होती है जिन्हें अचानक किसी गंभीर कारण से सफर करना पड़ता है, जैसे कि अचानक बीमारी, परिवार में किसी की मृत्यु या सरकारी ड्यूटी. जब सामान्य और तत्काल कोटे की सभी सीटें भर जाती हैं, तब इस कोटे के जरिए वेटिंग टिकट को कन्फर्म किया जाता है.

किस ट्रेन में कितनी मिलेंगी सीटें?
रेलवे बोर्ड ने इन ट्रेनों में सीटों का आवंटन क्लास के आधार पर तय किया है:

  • वंदे भारत स्लीपर: इसमें थर्ड एसी (3A) में 24 से 42 सीटें, सेकंड एसी (2A) में 20 से 30 सीटें और फर्स्ट एसी (1A) में 4 से 6 सीटें इमरजेंसी कोटे के तहत आरक्षित रहेंगी.
  • अमृत भारत एक्सप्रेस: इस ट्रेन के स्लीपर कोच में यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए 24 बर्थ का इमरजेंसी कोटा तय किया गया है.

किसे मिलेगा फायदा और कैसे करें आवेदन?
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्री के पास कन्फर्म या वेटिंग ई-टिकट/काउंटर टिकट होना अनिवार्य है. मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों को प्राथमिकता दी जाती है:

  • मेडिकल इमरजेंसी: मरीज और उनके सहायक.
  • विशिष्ट व्यक्ति (VIPs): सांसद, विधायक और उच्च अधिकारी.
  • सरकारी कार्य: ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी.

आवेदन प्रक्रिया: यात्री को अपनी यात्रा से एक दिन पहले या चार्ट बनने से पहले संबंधित रेलवे मंडल (DRM Office) या स्टेशन के इमरजेंसी कोटा सेल में एक लिखित आवेदन देना होगा. मेडिकल केस में डॉक्टर के पर्चे की फोटोकॉपी लगाना जरूरी है.

दुरुपयोग पर रेलवे की पैनी नजर
अक्सर देखा गया है कि लोग फर्जी लेटरहेड का इस्तेमाल कर इस कोटे का लाभ लेने की कोशिश करते हैं. रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अब हर आवेदन की गंभीरता से जांच की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर यात्रियों को फोन कॉल के जरिए वेरिफिकेशन भी देना पड़ सकता है. यदि जानकारी गलत पाई गई, तो आवेदन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा.

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