नई दिल्ली: दुनिया की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों में शामिल टेस्ला ने भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के साथ कारोबार में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2025-26 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी का राजस्व बढ़कर 247.31 करोड़ रुपये पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का राजस्व 20.83 करोड़ रुपये था।
कंपनी की कमाई के साथ मुनाफे में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में टेस्ला इंडिया का शुद्ध मुनाफा 5.16 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 55.49 लाख रुपये था। भारत में वाहनों की बिक्री शुरू होने के बाद कंपनी के कारोबार में आए विस्तार को इस बढ़ोतरी की अहम वजह माना जा रहा है।
कारों की बिक्री से हुई सबसे ज्यादा कमाई
टेस्ला इंडिया के कारोबार में इस बार वाहनों की बिक्री की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के कुल 247.31 करोड़ रुपये के राजस्व में से 214.69 करोड़ रुपये कारों की बिक्री से प्राप्त हुए।
इस तरह कुल राजस्व का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा वाहन बिक्री से आया। वहीं, सर्विस और संबंधित सेवाओं से कंपनी को करीब 32.40 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
ये आंकड़े संकेत देते हैं कि भारतीय बाजार में टेस्ला का कारोबार अब केवल सर्विस और सपोर्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन बिक्री भी आय का प्रमुख स्रोत बन गई है।
छह महीने में 650 से अधिक कारों के रजिस्ट्रेशन का दावा
भारत में टेस्ला की बिक्री के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच देश में कंपनी की 346 कारों का पंजीकरण हुआ था।
इसके बाद अप्रैल से सितंबर 2026 के छह महीनों में 650 से अधिक कारों के पंजीकरण की बात कही गई है। रिपोर्ट में मासिक डिलीवरी का औसत भी पहले के लगभग 49 वाहनों से बढ़कर 108 वाहन प्रति माह होने का उल्लेख है।
इन आंकड़ों के आधार पर भारतीय बाजार में कंपनी की शुरुआती बिक्री में तेजी के संकेत मिलते हैं। हालांकि, वाहन पंजीकरण और वास्तविक डिलीवरी के आंकड़ों में अंतर हो सकता है।
भारत में निवेश बढ़ाने की तैयारी
भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए टेस्ला ने अपनी स्थानीय इकाई में अतिरिक्त पूंजी लगाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की मूल इकाई ने भारत में करीब 86 करोड़ रुपये की नई पूंजी लगाई है।
इसके साथ ही बुनियादी ढांचे, संयंत्र और उपकरणों पर कंपनी का खर्च बढ़कर 62.54 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 1.16 करोड़ रुपये था।
निवेश और परिचालन खर्च में इस बढ़ोतरी से भारत में कारोबार के विस्तार की तैयारी का संकेत मिलता है। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कंपनी ने भारत में वाहन निर्माण संयंत्र स्थापित करने का अंतिम निर्णय ले लिया है।
भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार में क्या होगा असर?
टेस्ला के कारोबार में बढ़ोतरी ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बाजार का विस्तार हो रहा है। कंपनी के लिए आगे की संभावनाएं वाहन कीमतों, चार्जिंग सुविधाओं, उपभोक्ताओं की मांग और दूसरी कंपनियों से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा पर निर्भर करेंगी।
यदि कंपनी बिक्री और सर्विस नेटवर्क का विस्तार जारी रखती है, तो भारतीय बाजार में उसकी मौजूदगी मजबूत हो सकती है। हालांकि, आने वाले समय में बिक्री की रफ्तार और मुनाफे की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
निष्कर्ष: वित्त वर्ष 2025-26 के रिपोर्ट किए गए आंकड़ों के अनुसार, टेस्ला इंडिया के राजस्व और मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कारों की बिक्री से मिली बड़ी आय और निवेश में बढ़ोतरी भारतीय बाजार में कंपनी की गतिविधियों के विस्तार की ओर संकेत करती है।
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