बिहार सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए निःशुल्क विदेशी भाषा प्रशिक्षण प्रदान करेगी। बिहार कौशल विकास मिशन के माध्यम से जर्मन, कोरियन, अरबी और जापानी जैसी भाषाएं सिखाई जाएंगी। यह पहल युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, दूतावासों और आईटी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर खोलेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और वैश्विक मंच पर बेहतर प्रदर्शन कर पाएं।
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार बिहार के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में लगातार नए कदम उठा रही है। इसी क्रम में बिहार सरकार अब युवाओं को अंग्रेजी के साथ-साथ जर्मन, कोरियन, अरबी, जापानी जैसी विदेशी भाषाओं में दक्ष बनाने की पहल कर रही है। यह प्रशिक्षण युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत बिहार कौशल विकास मिशन के माध्यम से दिया जाएगा।
अंग्रेजी से आगे बढ़कर विदेशी भाषाओं पर फोकस
बदलते वैश्विक परिदृश्य में केवल अंग्रेजी भाषा का ज्ञान पर्याप्त नहीं रह गया है। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, विदेशी संस्थानों और बहुराष्ट्रीय संगठनों में रोजगार के लिए अन्य भाषाओं का ज्ञान भी जरूरी हो गया है।
इसे ध्यान में रखते हुए बिहार कौशल विकास मिशन ने युवाओं को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में प्रशिक्षित करने की योजना शुरू की है, जिससे प्रदेश के छात्र-छात्राओं को वैश्विक मंच पर बेहतर अवसर मिल सकें।
नि:शुल्क मिलेगा भाषा प्रशिक्षण
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा भी इस अवसर का लाभ उठा सकें।
प्रशिक्षण के तहत जर्मन, कोरियन, अरबी, जापानी सहित अन्य प्रमुख विदेशी भाषाओं की बुनियादी से लेकर व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, ताकि युवा इन भाषाओं का उपयोग रोजगार और पेशेवर जीवन में कर सकें।
वैश्विक रोजगार के लिए तैयार होंगे युवा
विदेशी भाषाओं की जानकारी से युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, विदेशी दूतावासों, आईटी सेक्टर, टूरिज्म, ट्रांसलेशन, बीपीओ और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इसके साथ ही विदेश में पढ़ाई और नौकरी के अवसरों को हासिल करना भी आसान होगा।
कौशल विकास मिशन से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
बिहार कौशल विकास मिशन पहले से ही युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
अब भाषा प्रशिक्षण को इससे जोड़कर युवाओं की क्षमताओं को और व्यापक बनाया जा रहा है। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि युवाओं का आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।
सरकार की दूरदर्शी पहल
राज्य सरकार का मानना है कि भाषा ज्ञान केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण का भी बड़ा जरिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल बिहार के युवाओं को देश-विदेश में पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षण की यह योजना बिहार के युवाओं के लिए नए सपनों और नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली साबित होगी।


