पटना। प्रदेश सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में राज्य को आगे बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सिंगापुर की संस्था ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क (जीएफटीएन) को राज्य में एआई व्यवस्था मजबूत करने के लिए चुना है।
यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। आज की बैठक में कुल 18 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
जीएफटीएन एआई अन्य के साथ मिल व्यवस्था को करेगी मजबूत
बैठक की बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल फाइनेंस और लिनक्स फाउंडेशन के साथ मिलकर पांच महीने का उन्नत एआई प्रमाणपत्र कार्यक्रम चलाएंगे।
इसके तहत अगले पांच वर्षों में सात हजार छात्रों और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें विज्ञान और तकनीकी विषयों के साथ अन्य विषयों के छात्र भी शामिल होंगे।
100 से अधिक नए स्टार्टअप भी चालू होंगे
इसके अलावा बिहार में आर्यभट्ट टेक्नोलाजी आब्जर्वेटरी नाम से एआई और क्वांटम तकनीक आधारित डिजिटल प्रयोग मंच बनाया जाएगा। इससे 100 से अधिक नए स्टार्ट-अप चालू होंगे और उद्यमियों को फायदा मिलेगा।
छात्रों, शोधकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों को एआई आधारित उपकरण, डाटा प्रणाली और आनलाइन तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जीएफटीएन बिहार को दुनिया के बड़े तकनीकी और निवेश मंचों पर भी प्रस्तुत करेगा। इससे राज्य में निवेश और नई तकनीकी कंपनियों के आने की संभावना बढ़ेगी।
वैशाली में बनेगा निफ्टेम का कैंपस, 100 एकड़ जमीन देने की स्वीकृति
मंत्रिमंडल ने वैशाली जिले में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए अधिग्रहण की प्रक्रियाधीन 1243.45 एकड़ रैयती भूमि में से 100 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।
यह जमीन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार को नि:शुल्क हस्तांतरित की जाएगी। भूमि चयन का अंतिम निर्णय लेने के लिए आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार के निदेशक पर्षद को अधिकृत किया है।
यह भूमि वैशाली जिले में विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा होगी। इस कैंपस की स्थापना से बिहार में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा।
बिहटा में लगेगा बड़ा डेरी प्लांट, 170 लोगों को मिलेगा रोजगार
मंत्रिमंडल ने पटना के निकट बिहटा औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिकंदरपुर क्लस्टर में मेसर्स नीफ प्राइवेट लि. को नया डेरी उत्पादन प्लांट स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। यह मंजूरी बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2016 के तहत दी गई है। कंपनी करीब 97.17 करोड़ रुपये का निजी निवेश करेगी।
प्लांट में प्रतिदिन 84 हजार लीटर फुल क्रीम दूध, 36 हजार लीटर टोंड दूध, 60 हजार लीटर दही, 20 हजार लीटर छाछ और 1980 लीटर बटर का उत्पादन होगा।
सरकार के अनुसार, इस इकाई के शुरू होने से राज्य में डेरी क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही करीब 170 कुशल और अकुशल लोगों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है।
लखीसराय में बनेगा सिमेन स्टेशन, 79.92 एकड़ जमीन हस्तांतरित
मंत्रिमंडल ने लखीसराय जिले के चानन अंचल स्थित गोपालपुर मौजा की 79.92 एकड़ गैरमजरूआ परती कदीम भूमि को पशुपालन विकास योजना के तहत सिमेन स्टेशन स्थापना के लिए डेरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग को स्थायी नि:शुल्क हस्तांतरण की स्वीकृति दी है। इससे पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा मिलने और बेहतर नस्ल सुधार कार्यक्रम को गति मिलने की उम्मीद है।
पांच संवेदनशील जिलों में पुलिस व्यवस्था मजबूत होगी
मंत्रिमंडल ने ने अपराध और साम्प्रदायिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले पांच जिलों पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के कुल पांच पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की निगरानी मजबूत होगी।
बिहार नगरपालिका योजना सेवा संवर्ग के पदों का वेतनमान तय
बिहार नगरपालिका योजना सेवा संवर्ग के विभिन्न पदों के लिए मंत्रिमंडल ने नई वेतन संरचना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सहायक नगरपालिका योजना पदाधिकारी के मूलकोटि (अराजपत्रित) पद के लिए लेवल-6 तथा नगरपालिका योजना पदाधिकारी के प्रथम प्रोन्नति स्तर (राजपत्रित) पद के लिए लेवल-7 वेतनमान स्वीकृत किया गया।
एमएसएमई क्लस्टर योजना को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब योजना का नाम मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना होगा। फैसले के तहत राज्य स्तरीय समिति को अधिक सशक्त और समावेशी बनाया है।
साथ ही, बियाडा औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य सुविधा केंद्र स्थापित करने के लिए बियाडा को विशेष उपक्रम नामित किया गया है। इससे निवेश बढ़ेगा, उद्योगों की उत्पादन गुणवत्ता सुधरेगी, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मदद मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सात निश्चय-3 के तहत बिहार में 3 नए डिग्री कॉलेज खुलेंगे
सात निश्चय-3 के तहत राज्य के तीन प्रखंडों में नए डिग्री महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति दी है। इसके तहत पश्चिम चंपारण जिले के पिपरासी और भितहा प्रखंड तथा मुंगेर जिले के टेटिया बम्बर प्रखंड में एक-एक डिग्री कॉलेज स्थापित किया जाएगा।
इन महाविद्यालयों को संबंधित विश्वविद्यालयों की अंगीभूत इकाई के रूप में मान्यता देने, औपबंधिक संचालन शुरू करने तथा प्रत्येक कॉलेज में 44-44 शिक्षक एवं शिक्षकेतर पदों के हिसाब से कुल 132 पद सृजित करने की मंजूरी दी है।


