Thursday, February 26, 2026

बिहार विधानसभा ने छपरा से पटना के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन और दरभंगा में लोहना-मुक्तापुर रेल लाइन जोड़ने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है.

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बिहार विधानसभा ने छपरा से पटना के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन और दरभंगा में लोहना-मुक्तापुर रेल लाइन जोड़ने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है. सरकार अब इन मांगों को केंद्र सरकार को भेजेगी. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में पुल निर्माण के नियमों और हथुआ स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव पर भी सहमति बनी है.

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को आम लोगों की सुविधा से जुड़े कई बड़े फैसलों पर सहमति बनी. सबसे बड़ी खबर छपरा, सीवान और गोपालगंज के रेल यात्रियों के लिए है. भाजपा विधायक छोटी कुमारी के प्रस्ताव पर सरकार ने माना कि छपरा से पटना के बीच यात्रियों का दबाव बहुत ज्यादा है. इसलिए अब राज्य सरकार केंद्र को एक प्रस्ताव भेजेगी ताकि इस रूट पर एक नई जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेन नियमित रूप से चलाई जा सके.

प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा जायेगा

मिथिलांचल की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए दरभंगा जिले में लोहना और मुक्तापुर रेलवे लाइन को आपस में जोड़ने का प्रस्ताव भी रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा. विधायक मैथिली ठाकुर ने सदन में यह मुद्दा उठाया कि इस लिंक के बनने से घनश्यामपुर और तारडीह जैसे पिछड़े इलाकों में विकास तेजी से होगी और लोकल लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. इसके अलावा गोपालगंज के हथुआ स्टेशन पर अब लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव की मांग को भी सरकार ने सही माना और इसे मंजूर कर लिया.

क्या बोले अशोक चौधरी

गांवों की सड़कों और पुलों को लेकर भी सदन में चर्चा हुई. ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि अगर किसी गांव की छोटी नदी पर पुल बनाना है, तो अब जिला संचालन समिति की रिपोर्ट सबसे जरूरी होगी. उन्होंने कहा कि बिना जिला समिति की सिफारिश के विभाग आगे की कार्रवाई नहीं कर पाएगा. बुधवार को सदन में कुल 141 प्रस्ताव पेश किए गए. इनमें से ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में आने वाली परेशानी और दूरी कम करने के लिए पुल बनाने की मांग से जुड़े थे.

एआईएमआईएम विधायक ने क्या मांग की

एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल इमान ने एक दिलचस्प मांग उठाई. उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर झंडोत्तोलन के लिए विधायकों के लिए भी एक स्पष्ट नीति होनी चाहिए. उनका तर्क दिया कि प्रोटोकॉल न होने से विधायकों की अनदेखी होती है. सरकार की ओर से फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं होने की बात कही गई. इस पर सदन में काफी शोरशराबा हुआ.

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