दुमका: झारखंड कांग्रेस के विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने मांग की है कि बिहार में जिस तरह से चुनाव परिणाम बीजेपी ने अपने पक्ष में किया है, उसे देखकर ऐसा लगता है कि महागठबंधन सड़क पर उतरे और यह मांग करे कि अब आने वाले चुनाव को ईवीएम से नहीं बल्कि बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाए ताकि जनता के फैसले पर दूध का दूध पानी का पानी साफ हो सके.
कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव के बयान पर बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री रणधीर सिंह ने पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस नेता हार की हताशा में यह बयान दे रहे हैं. दरअसल, प्रदीप यादव और रणधीर सिंह दोनों 2010 के देवघर नगर थाना क्षेत्र के एक केस में पेशी के लिए दुमका के एमपी-एमएलए कोर्ट आए थे.
कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि बिहार चुनाव परिणाम एसआईआर की वजह से आया है. कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि 40 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए. इसमें गरीब, दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग के वोटर शामिल थे. बीजेपी ने जीत के लिए इस तरह की प्लानिंग की थी. उन्होंने आगे कहा कि ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से अब चुनाव होने चाहिए.
इधर, प्रदीप यादव के बयान पर बीजेपी नेता रणधीर सिंह ने कहा कि बिहार चुनाव में राजद – कांग्रेस का सुपड़ा साफ हो गया है. जनता ने पूरी तरह से इन्हें नकार दिया है, आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल सहित जहां कहीं भी चुनाव हैं, विपक्षी पार्टियों का यही हाल होगा. उन्होंने कहा कि इसका नतीजा भविष्य में झारखंड राज्य में भी देखने को मिलेगा.
बिहार में जनता ने सुशासन और डबल इंजन की सरकार पर पूरा भरोसा जताया है, प्रदीप यादव जो ईवीएम की जगह बैलेट पेपर की बात कर रहे हैं तो यह सब उनकी हार की हताशा को दिखा रहा है. उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर में तो और ज्यादा धांधली देखने को मिलती थी. इन सबसे निजात पाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लाया गया. ईवीएम से पूरे दुनिया में चुनाव होते हैं. वैसे कांग्रेस ने जब कर्नाटक – हिमाचल प्रदेश का चुनाव जीता था, उस वक्त उन्होंने ईवीएम पर सवाल खड़े नहीं किए थे, कुल मिलाकर महागठबंधन को जनता ने पूरी तरह से साइडलाइन कर दिया है.


