Tuesday, November 3, 2026

बिहार में सोन नदी पर बनेगा चार रेल लाइनों वाला पुल, 6 ट्रेनें एक साथ गुजरेंगी; 3500 करोड़ की योजना

Share

Bihar Railway News | 3 नवंबर 2026: बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी परियोजना पर तैयारी चल रही है। भोजपुर जिले के कोइलवर में सोन नदी पर नया फोरलेन रेल ब्रिज बनाने की योजना है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद रेल यातायात की क्षमता बढ़ेगी और एक साथ कई ट्रेनों का परिचालन संभव हो सकेगा। प्रस्तावित योजना में ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखने की बात कही गई है।

रेलवे बोर्ड से परियोजना को मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। अनुमान है कि इस पर करीब 3,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फंड की स्वीकृति के बाद टेंडर जारी कर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।

3,500 करोड़ रुपये की परियोजना, छह चरणों में होगा काम

प्रस्तावित रेल परियोजना का दायरा करीब 400 किलोमीटर बताया जा रहा है। डीडीयू से झाझा तक रेल नेटवर्क को मजबूत करने की योजना छह चरणों में पूरी की जाएगी।

परियोजना के लिए फंड मंजूर होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद चयनित एजेंसी को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। खबर के मुताबिक, नए साल तक काम शुरू होने की संभावना जताई गई है।

पहले चरण में डीडीयू से दानापुर तक रेल लाइन का काम

योजना के पहले चरण में डीडीयू से दानापुर के बीच लगभग 203 किलोमीटर लंबाई में रेल लाइन का काम प्रस्तावित है। इसी चरण में कोइलवर के पास सोन नदी पर नया फोरलेन रेल पुल बनाने की योजना भी शामिल है।

इसके साथ ही कई रेलखंडों पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • दानापुर से फतुहा
  • फतुहा से बख्तियारपुर
  • बख्तियारपुर से पुनारख
  • पुनारख से किऊल

योजना के अनुसार, रेल लाइन बिछाने का काम करने वाली एजेंसी ही सोन नदी पर पुल का निर्माण भी करेगी।

2029 से 2031 तक अलग-अलग चरणों में पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना के विभिन्न हिस्सों के लिए अलग-अलग समयसीमा तय किए जाने की जानकारी दी गई है।

  • जुलाई 2029: पुनारख-बाढ़-बख्तियारपुर खंड का काम पूरा करने का लक्ष्य।
  • 2030: बख्तियारपुर-फतुहा रेलखंड का काम पूरा करने की योजना।
  • 2031: पुनारख-किऊल, डीडीयू-दानापुर और किऊल-झाझा खंडों को पूरा करने का लक्ष्य।

इन समयसीमाओं के अनुसार निर्माण कार्य आगे बढ़ने पर रेल नेटवर्क की क्षमता में चरणबद्ध तरीके से विस्तार होगा।

एक साथ छह ट्रेनों के परिचालन की क्षमता

इस परियोजना का सबसे अहम उद्देश्य व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को आसान बनाना है। वर्तमान व्यवस्था में अप और डाउन दिशा में उपलब्ध लाइन क्षमता के कारण ट्रेनों को कई बार इंतजार करना पड़ता है।

खबर के मुताबिक, ट्रेनों के दबाव के कारण बिहटा या दानापुर के आसपास भी गाड़ियों को रोकना पड़ता है। नई लाइनें और पुल तैयार होने के बाद अप दिशा में तीन और डाउन दिशा में तीन ट्रेनें एक साथ गुजर सकेंगी।

इससे कुल छह ट्रेनों के एक साथ परिचालन की क्षमता विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित व्यवस्था में ट्रेनों की गति 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

यात्रियों और रेल परिचालन को क्या होगा फायदा?

सोन नदी पर नया पुल और अतिरिक्त रेल लाइनें बनने से इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे ट्रेनों को रास्ते में मिलने वाला इंतजार कम करने, परिचालन क्षमता बढ़ाने और भविष्य में बढ़ते यातायात का दबाव संभालने में सुविधा होगी।

हालांकि, यात्रियों को इसका वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने और रेल परिचालन व्यवस्था लागू होने के बाद ही मिलेगा।

Bharat Superfast News | Bihar Railway


Read more

Local News