Friday, March 20, 2026

बिहार में लगभग 22 लाख की आबादी वाले थारू समाज के समावेशी विकास के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाएगी।

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22 लाख की आबादी वाले थारू समाज पर नीतीश सरकार का फोकस, विकास के लिए अलॉट किए 30 करोड़

बिहार में लगभग 22 लाख की आबादी वाले थारू समाज के समावेशी विकास के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाएगी। अनुसूचित जाति व जनजाति मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने पटना में जनजातीय सेमिनार में यह बात कही। सरकार ने थारू समाज के विकास के लिए 30 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। पश्चिमी चंपारण में थरुहट विकास अधिकरण जैसी कई जनहित योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

पटना। बिहार में करीब 22 लाख की आबादी वाले थारू समाज के समावेशी विकास हेतु विशेष कार्य योजना बनाई जाएगी। राज्य सरकार थारू समाज के उत्थान और उनके समावेशी विकास के लिए निरंतर क्रियाशील है।

बुधवार को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने ने पटना के तारामंडल के सभागार में आयोजित जनजातीय सेमिनार में यह बात कही। इससे पहले उन्होंने दीपक जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि थारू समाज के विकास के लिए सरकार ने 30 करोड़ रुपये आवंटन किया है, जिससे कई विकासात्मक कार्य किए जाएंगे। पश्चिमी चंपारण में विभाग द्वारा थरुहट विकास अधिकरण जैसी कई जनहित योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इससे उनके उत्थान को गति मिल रही है। आवश्यकता पड़ने पर संस्था को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी जाएगी।

सेमिनार में विभाग की निदेशक प्रियंका रानी ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में जनजातीय समुदाय के लोगो की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।

उन्होंने बताया की अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान का नया भवन मीठापुर में बनाया जा रहा है और उसका निर्माण कार्य जनवरी से शुरू होगा।इस अवसर पर डॉ. शैलेन्द्र, दीवान जफर हुसैन, ज्योति झा, बिहार महादलित विकास मिशन के निदेशक गौतम पासवान एवं भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण निदेशक प्रो.बीवी शर्मा समेत अन्य अधिकारी ने संबोधित किया।

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