बिहार में मिशन मोड में किसानों की डिजिटल आईडी बनाई जा रही है. लेटेस्ट आंकड़े की माने तो, 50 प्रतिशत का टारगेट पूरा कर लिया गया है. विभाग के अधिकारियों की माने तो, बाकी बचे किसानों के भी रजिस्ट्रेशन पर मिशन मोड में काम किया जा रहा है.
बिहार में किसानों की डिजिटल पहचान हो, इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री कराई जा रही है. राज्य में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर 50 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर लिया गया है. लेटेस्ट आंकड़े के मुताबिक, कुल 85 लाख 53 हजार 570 पीएम किसान लाभार्थियों में से 43 लाख 4 हजार 548 किसानों की रजिस्ट्री हो गई है. यह लगभग 50.3 प्रतिशत है.
केंद्र सरकार से दूसरी किस्त का रास्ता साफ
जानकारी के मुताबिक, 50 प्रतिशत का आंकड़ा पार करते ही राज्य को केंद्र सरकार से दूसरी किस्त के रूप में 450 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता साफ हो गया है. अभियान के तहत जिलों में राजस्व कर्मियों, अंचल अधिकारियों, कृषि अधिकारियों और सभी जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी से शिविरों का आयोजन कर तेजी से नामांकन किया गया. कई जिलों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है.
वैशाली ने 102 फीसदी उपलब्धि दर्ज कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया, जबकि शिवहर, बेगूसराय, कटिहार और बक्सर जैसे जिलों ने भी लक्ष्य के करीब या उससे अधिक प्रगति दर्ज की. पीएम किसान से लिंक्ड फार्मर रजिस्ट्री के तहत भी 22 लाख 51 हजार 639 किसानों का नामांकन किया जा चुका है, जो 26.32 प्रतिशत है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बाकी किसानों के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
क्या बोले अधिकारी?
विभाग ने मिशन मोड-3 में लगातार मॉनीटरिंग, हर रोज समीक्षा और क्षेत्रीय स्तर पर कैंप आधारित रणनीति अपनाई. अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, जिला प्रशासन की सक्रियता और राजस्व अमले की लगातार मेहनत का परिणाम है.
मंत्री विजय सिन्हा ने क्या कहा?
फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत 50 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लेने पर मंत्री विजय सिन्हा ने कहा, यह पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है. मिशन मोड-3 के तहत तय समय-सीमा से पहले यह उपलब्धि हमारी टीम की भावना और किसानों के सहयोग का परिणाम है. इस उपलब्धि से केंद्र सरकार से 450 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त इंसेंटिव के रूप में मिलेगी.
रामकृपाल यादव ने भी दिया बयान
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के समन्वय से कई फेज में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं. इसके परिणामस्वरूप यह सफलता मिली. फार्मर आईडी रजिस्ट्रेशन से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी ढंग से उपलब्ध होगा. बचे हुए किसान भी जल्द अपना आईडी बनवा लें.


