Tuesday, July 7, 2026

बिहार में अब पीएम आवास महिलाओं के नाम पर ही पास हो सकेंगे.

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पीएम आवास योजना को लेकर नगर विकास विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है. बिहार में अब पीएम आवास महिलाओं के नाम पर ही पास हो सकेंगे. सरकार की ओर से क्लियर किया गया है कि इस योजना के तहत मिलने वाले घर पर पहला हक महिलाओं का है.

 बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि इस योजना के तहत मिलने वाले आवासों पर पहला हक महिलाओं का होगा. नगर विकास एवं आवास विभाग ने एक लेटर जारी कर सभी नगर निगमों के नगर आयुक्तों और सभी नगर परिषदों/नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को इस नियम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है.

  • विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, योजना के तहत आवास का स्वामित्व परिवार की वयस्क महिला मुखिया के नाम पर होना अनिवार्य है. आवास को परिवार के पुरुष मुखिया और उसकी पत्नी के संयुक्त नाम पर भी आवंटित किया जा सकता है.
  • पुरुष सदस्य के नाम पर आवास की स्वीकृति केवल उसी स्थिति में दी जायेगी, जब परिवार में कोई भी वयस्क महिला सदस्य उपलब्ध न हो. अगर आवेदक विधुर, अविवाहित, अलग या ट्रांसजेंडर है, तो आवास उनके व्यक्तिगत नाम से स्वीकृत किया जा सकता है.
  • सरकार को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत महालेखाकार (एजी), बिहार की ओर से किए गए ऑडिट में एक बड़ी लापरवाही सामने आयी थी. ऑडिट में पाया गया कि कई ऐसे परिवारों में भी आवास पुरुष सदस्यों के नाम पर स्वीकृत कर दिए गए, जहां वयस्क महिला सदस्य मौजूद थीं. यह योजना के मूल प्रावधानों के बिल्कुल खिलाफ था.

स्वीकृति से पहले होगी दस्तावेजों की गहन जांच

इस गड़बड़ी से सबक लेते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के संयुक्त सचिव-सह-मिशन निदेशक ने सख्त आदेश दिया है कि पीएमएवाई (शहरी) 2.0 के तहत लाभार्थियों को मंजूरी देने से पहले उनके दस्तावेजों और पात्रता की अच्छी तरह से जांच (सभ्यक परीक्षण) की जाये. विभाग ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के स्वामित्व और सह-स्वामित्व के नियमों का प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये, ताकि योजना का लाभ सही मायने में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए मिल सके.

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