पटना: बिहार में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी बनी हुई हैं, लेकिन मौसम विभाग ने 14 सितंबर के लिए राज्य के छह जिलों में खराब मौसम की आशंका जताई है। इन इलाकों में बारिश के साथ मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से 13 सितंबर को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अररिया, किशनगंज, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। इन जिलों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
किशनगंज में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में मानसून की गतिविधि सामान्य से कम रही। हालांकि, कुछ इलाकों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। किशनगंज के टेढ़ागाछ में 67.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो इस अवधि में राज्य में सबसे अधिक रही।
तापमान की बात करें तो कैमूर के भभुआ में अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान के मामले में अररिया के फारबिसगंज में 24.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इन इलाकों में तेज हवा और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग ने 14 सितंबर को उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है।
खास तौर पर छह जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना है।
तापमान में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होने की संभावना है। वहीं, अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान भी लगभग स्थिर रह सकता है।
इसका मतलब है कि राज्य में तापमान के स्तर पर फिलहाल बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है।
खराब मौसम में सावधानी बरतने की सलाह
वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम खराब होने पर खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। सुरक्षित भवनों में रहना बेहतर होगा।
तेज आंधी या बिजली चमकने के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना भी जरूरी है।
