बिहार के 80 हजार सरकारी विद्यालयों में अप्रैल से शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए एक समेकित योजना लागू होगी। इसकी जिम्मेदारी पंचायत और नगर निकाय स्तर पर गठित 8,902 स्कूल कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर (सीआरसी) को सौंपी गई है।
पटना। बिहार के सभी 80 हजार सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अप्रैल से एक समेकित योजना लागू होगी। नई योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी पंचायत एवं नगर निकाय स्तर पर नवगठित स्कूल कॉम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर (सीआरसी) पर सौंपी गयी है।
अब तक प्रदेश भर 8,902 स्कूल कॉम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर गठित किए गए हैं। इनमें 8,827 स्कूल कॉम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर पंचायत स्तर पर हैं। जबकि, शेष 75 स्कूल कॉम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर नगर निकाय स्तर पर हैं।
ये सभी सेंटर मार्गदर्शिका से संचालित होंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि संकुल क्षेत्र के हर बच्चे को विद्यालयी शिक्षा मिले। संसाधनों, विशेषज्ञता और बुनियादी ढांचे के आदान-प्रदान को सुगम बनाया जाए। शिक्षकों को शैक्षणिक मार्गदर्शन मिले।
कैसा होगा सिस्टम
शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि स्कूल कॉम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर नगर निकाय स्तर पर बनाया गया है। नवगठित स्कूल कॉम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर का मुख्यालय पंचायत के उच्चतम विद्यालय को बनाया गया है।
संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक स्कूल कॉम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर के व्यवस्थापक बनाये गए हैं। पंचायत के मध्य विद्यालयों के वरीयतम प्रधानाध्यापक समन्वयक बनाये गए हैं।
विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों में गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाएगी। कक्षा की चुनौतियों का निराकरण होगा। इसे कार्यात्मक रूप से प्रभावी बनाने के लिए हर स्कूल कॉम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर में हर माह शैक्षणिक बैठक होगी।
स्कूल कॉम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर के समन्वयक स्कूलों में जाएंगे तथा शिक्षकों को शिक्षण कार्य सुधार की प्रक्रिया से अवगत कराएंगे, आवश्यक सुझाव देंगे। शिक्षक, छात्र और विद्यालय के बीच की दूरी घटायेंगे तथा समुदाय के साथ समझ बना संयुक्त व्यावसायिक विकास कार्यक्रम बनाएंगे।
विद्यालय स्तर पर ये कार्य होंगे
सभी विद्यालयों में शिक्षण अधिगम सामग्री साझा की जाएगी। संयुक्त सामग्री तैयार होगी। कला एवं विज्ञान प्रदर्शनी लगेगी। खेल गतिविधियां होंगी। क्विज और डिबेट होंगे। मेले जैसे संयुक्त गतिविधियां होंगी।
दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूलों को सहयोग मिलेगा। संकुल समन्वयक शिक्षकों की मेंटरिंग की व्यवस्था कर सकेंगे। एक विद्यालय में उपलब्ध मानव या अन्य संसाधनों का उपयोग पंचायत के सुविधाविहीन विद्यालयों को उपलब्ध करा सकेंगे।
पंचायत स्थित सभी विद्यालयों के लिए समेकित दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक योजना का निर्माण कर उसे कार्यान्वित करेंगे। इसके लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को आवश्यक निर्देश दिया गया है।


