मुंबई: केंद्रीय बजट में एफ एंड ओ (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) से जुड़े सौदों पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाए जाने के बाद शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली. बजट में STT को 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है. इस घोषणा के तुरंत बाद निवेशकों में घबराहट दिखी और बाजार में भारी दबाव बन गया.
सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार गिरावट
बजट ऐलान के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. बीएसई सेंसेक्स करीब 2000 अंक टूट गया और यह 80,500 के नीचे कारोबार करता दिखा. वहीं, एनएसई निफ्टी में भी करीब 700 अंकों की गिरावट आई और यह 24,800 के स्तर से नीचे फिसल गया. बाजार की इस गिरावट से निवेशकों की पूंजी को भारी नुकसान पहुंचा.
ज्यादातर शेयर लाल निशान में
बीएसई के टॉप-30 शेयरों में से सिर्फ तीन शेयरों में मामूली तेजी देखने को मिली, जबकि 27 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते रहे. सन फार्मा, टीसीएस और कोटक महिंद्रा बैंक को छोड़ दें तो बाकी अधिकांश शेयरों में 8 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. बाजार में बिकवाली का दबाव लगभग सभी बड़े शेयरों पर देखा गया.
कैपिटल और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा मार
बजट के बाद कैपिटल मार्केट और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली. बीएसई, ग्रो जैसे कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली रही. वहीं, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक और हिंदुस्तान कॉपर जैसे मेटल शेयरों में भी तेज गिरावट आई. बाजार खुलते ही हिंदुस्तान जिंक के शेयर करीब 10 प्रतिशत, हिंदुस्तान कॉपर के शेयर 18 प्रतिशत से ज्यादा और हिंदुस्तान एल्युमिनियम में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. हिंडाल्को के शेयर भी करीब 7 प्रतिशत टूटे.
सभी सेक्टर्स पर दिखा दबाव
बाजार की गिरावट सिर्फ चुनिंदा सेक्टर्स तक सीमित नहीं रही. ऑटो, फार्मा, एफएमसीजी, बैंकिंग और पीएसयू बैंक जैसे सेक्टर्स में भी भारी दबाव देखा गया. निवेशकों ने ज्यादातर सेक्टर्स में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार की चौड़ाई काफी कमजोर रही.
क्या है STT और क्यों बढ़ा असर
शेयर बाजार में किसी भी तरह के शेयर या डेरिवेटिव्स की खरीद-बिक्री पर लगने वाले टैक्स को सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) कहा जाता है. इस बार बजट में एफ एंड ओ से जुड़े सौदों, खासकर ऑप्शन प्रीमियम की खरीद और बिक्री पर STT बढ़ा दिया गया है. पिछली बार भी इसमें बढ़ोतरी की गई थी. STT बढ़ने से ट्रेडिंग की लागत बढ़ जाती है, जिससे खासतौर पर शॉर्ट टर्म और एफ एंड ओ ट्रेडर्स पर सीधा असर पड़ता है.
विदेशी निवेशकों के लिए बड़ा ऐलान
हालांकि बाजार में गिरावट के बीच बजट में विदेशी निवेशकों के लिए एक सकारात्मक घोषणा भी की गई है. अब भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (PIO) को भारतीय शेयर बाजार में निवेश की अनुमति दे दी गई है. इससे आने वाले समय में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
डिफेंस शेयरों में दिखी मजबूती
बाजार की व्यापक गिरावट के बावजूद डिफेंस सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और डेटा पैटर्न जैसे शेयर करीब 2 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए. इसके अलावा कुछ मेटल शेयरों में भी दिन के निचले स्तर से हल्की रिकवरी देखने को मिली.
बजट के दिन कैसा रहा सेंसेक्स का ऐतिहासिक सफर (2014-2026)
पिछले 12 वर्षों (2014-2025) के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो बजट के दिन सेंसेक्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है. सबसे शानदार तेजी 2021 में देखी गई थी जब सेंसेक्स 2314.84 अंक उछला था, जबकि सबसे बड़ी गिरावट 2020 में 987.96 अंकों की दर्ज की गई.
यहां 2014-15 से 2025-26 तक केंद्रीय बजट के दिन BSE Sensex के प्रदर्शन की विस्तृत डेटा तालिका दी गई है
| वर्ष | दिनांक | खुला | बंद | लाभ/हानि |
| 2025-26 | 01.02.2025 | 77,637.01 | 77,505.96 | 746.15 (Gain) |
| 2024-25 (Full) | 23.07.2024 | 80,724.30 | 80,429.04 | -73.04 (Loss) |
| 2024-25 (Interim) | 01.02.2024 | 71,998.78 | 71,645.3 | -106.81 (Loss) |
| 2023-24 | 01.02.2023 | 60,001.17 | 59,708.08 | 158.18 (Gain) |
| 2022-23 | 01.02.2022 | 58,672.86 | 58,862.57 | 848.4 (Gain) |
| 2021-22 | 01.02.2021 | 46,617.95 | 48,600.61 | 2,314.84 (Gain) |
| 2020-21 | 01.02.2020 | 40,753.18 | 39,735.53 | -987.96 (Loss) |
| 2019-20 | 05.07.2019 | 39,908.06 | 39,513.39 | -394.67 (Loss) |
| 2019-20 (Interim) | 01.02.2019 | 36,256.69 | 36,469.43 | 212.74 (Gain) |
| 2018-19 | 01.02.2018 | 35,965.02 | 35,906.66 | -58.36 (Loss) |
| 2017-18 | 01.02.2017 | 27,655.96 | 28,141.64 | 485.68 (Gain) |
| 2016-17 | 29.02.2016 | 23,154.3 | 23,002 | -152.3 (Loss) |
| 2015-16 | 28.02.2015 | 29,220.12 | 29,361.5 | 141.38 (Gain) |
| 2014-15 | 10.07.2014 | 25,444.81 | 25,372.75 | -72.06 (Loss) |


