Thursday, August 20, 2026

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर Meta के खिलाफ मुकदमा, पूर्व कर्मचारी की गवाही से बढ़ी कंपनी की मुश्किलें.

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नई दिल्ली: सोशल मीडिया कंपनी Meta के खिलाफ अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े एक अहम मुकदमे की सुनवाई चल रही है। मामले में कंपनी के पूर्व कर्मचारी आर्तुरो बेजर की गवाही ने सुरक्षा उपायों और कंपनी की जानकारी को लेकर कई सवाल उठाए हैं।

बेजर Meta में सेफ्टी इंजीनियर के तौर पर काम कर चुके हैं। उन्होंने कैलिफोर्निया की एक संघीय अदालत में कहा कि कंपनी के प्लेटफॉर्म पर नाबालिग यूजर्स को अनुचित संपर्क, हिंसक सामग्री और अन्य हानिकारक अनुभवों का सामना करना पड़ रहा था। उनके अनुसार, कंपनी के भीतर इन जोखिमों को लेकर चिंता जताई गई थी।

जुकरबर्ग तक पहुंचाई गई थी चिंता

बेजर का दावा है कि उन्होंने बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने कई बार उठाया। उन्होंने 2021 में Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग को भी किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और प्लेटफॉर्म पर उनके अनुभवों को लेकर ईमेल भेजे थे।

गवाही के दौरान उन्होंने अपने परिवार से जुड़ा एक अनुभव भी अदालत के सामने रखा। उनके मुताबिक, उनकी बेटी को Instagram पर अवांछित संदेश और अनुचित सामग्री का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने एक सर्वे का भी हवाला दिया, जिसमें किशोर यूजर्स से सोशल मीडिया पर उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली गई थी। बेजर का आरोप है कि सामने आए कुछ मामलों में शिकायतों पर कार्रवाई की दर बेहद कम थी।

कई अमेरिकी राज्यों ने दायर किया मामला

यह मुकदमा 2023 में अमेरिका के 29 राज्यों के अटॉर्नी जनरल्स की ओर से दायर व्यापक कानूनी कार्रवाई का हिस्सा है। मौजूदा ट्रायल में कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी से जुड़े आरोपों पर सुनवाई हो रही है।

राज्यों का आरोप है कि Meta ने ऐसे प्लेटफॉर्म और फीचर्स विकसित किए, जिनसे बच्चों और किशोरों के बीच सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल का जोखिम बढ़ सकता है। आरोपों में कम उम्र के बच्चों से जुड़े डेटा के संग्रह को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

भारी जुर्माने का दावा

मामले में Meta पर संभावित आर्थिक दंड काफी बड़ा हो सकता है। अभियोजन पक्ष की मांगों और मामले की प्रकृति को देखते हुए कंपनी पर अरबों डॉलर का हर्जाना लगाए जाने की संभावना चर्चा में है। अदालत कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म की डिजाइन और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करने का निर्देश भी दे सकती है।

Meta ने आरोपों को किया खारिज

Meta ने मामले में लगाए गए आरोपों से असहमति जताई है। कंपनी का कहना है कि सोशल मीडिया के संभावित जोखिमों को कम करने के लिए उसने कई सुरक्षा टूल और नए उपाय लागू किए हैं।

कंपनी के अनुसार, 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सामान्य तौर पर अकाउंट बनाने की अनुमति नहीं है और ऐसे बड़ी संख्या में अकाउंट्स को हटाया भी गया है।

करीब छह सप्ताह चलने वाले इस ट्रायल में आगे Meta के शीर्ष अधिकारियों से भी गवाही लिए जाने की संभावना है। इनमें मार्क जुकरबर्ग और Instagram के प्रमुख एडम मोसेरी के नाम शामिल हैं। मामले का अंतिम फैसला यह तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है कि सोशल मीडिया कंपनियों की बच्चों की सुरक्षा को लेकर कानूनी जिम्मेदारी किस सीमा तक तय की जाती है।

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