नई दिल्ली: खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने तीन कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मंजूरी दी है। 17 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों में प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड, डोडला डेयरी और यूआईआर ऑर्गेनिक फूड्स शामिल हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि नियामक की जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं। प्रियागोल्ड बिस्कुट के निर्माण में पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले चोकर के उपयोग, डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध में कथित मिलावट और ऑर्गेनिक किशमिश में कीटनाशक अवशेष मिलने के मामले में कार्रवाई की जा रही है।
प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली कंपनी के प्लांट में मिलीं खामियां
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता की शिकायत के बाद FSSAI की टीम ने सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के विनिर्माण संयंत्र का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कथित तौर पर ऐसी बोरियां मिलीं, जिनमें रखा चोकर पशुओं के चारे के लिए था, न कि इंसानों के भोजन के लिए।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस चोकर का इस्तेमाल बिस्कुट में फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए कच्चे माल के रूप में किया जा रहा था। इसके अलावा, संयंत्र में साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, कच्चे माल के भंडारण और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता से संबंधित कमियां भी पाई गईं।
बताया गया है कि इन खामियों के बाद नियामक ने कंपनी के लाइसेंस को निलंबित करने की कार्रवाई की थी। अब मामले में अभियोजन की मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध की जांच में क्या सामने आया?
रिपोर्ट के मुताबिक, डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध के नमूने की शुरुआती जांच में वसा की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई थी। इसके बाद नमूने को मानकों के अनुरूप न होने की श्रेणी में रखा गया।
कंपनी की ओर से शुरुआती जांच रिपोर्ट को चुनौती दिए जाने के बाद नमूने को रेफरल खाद्य प्रयोगशाला में भेजा गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अंतिम जांच में दूध में डिटर्जेंट और कास्टिक सोडा की मौजूदगी सामने आई।
इन पदार्थों की कथित मौजूदगी को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला माना गया है। इसी आधार पर कंपनी के खिलाफ अदालत में अभियोजन की मंजूरी दिए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि किसी उत्पाद से जुड़ी जांच या कानूनी कार्रवाई की खबर को संबंधित बैच, नमूने और आधिकारिक आदेश के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
ऑर्गेनिक पीली किशमिश में कीटनाशक अवशेष मिलने का दावा
तीसरी कंपनी यूआईआर ऑर्गेनिक फूड्स के उत्पाद की जांच में भी कथित तौर पर गंभीर खामी सामने आई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की पीली किशमिश के नमूने में कीटनाशकों के अवशेष पाए गए।
ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए निर्धारित मानकों के तहत कीटनाशकों के उपयोग और अवशेषों पर विशेष नियंत्रण रखा जाता है। ऐसे उत्पादों में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियामक कार्रवाई कर सकता है।
इस मामले में कीटनाशक अवशेषों की वास्तविक मात्रा, संबंधित पदार्थों के नाम और आधिकारिक जांच रिपोर्ट का पूरा विवरण उपलब्ध कराए गए समाचार पाठ में नहीं दिया गया है।
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन पर दिया जोर
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण देश में खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री से जुड़े मानकों की निगरानी करता है। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार लाइसेंस निलंबन, उत्पाद से संबंधित कार्रवाई और अभियोजन जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
इन तीन मामलों में सामने आई जानकारी ने खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, उत्पादन इकाइयों में स्वच्छता और प्रयोगशाला जांच की अहमियत को फिर रेखांकित किया है।
उपभोक्ताओं को पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट की सील, निर्माण और समाप्ति तिथि, बैच नंबर तथा लेबल पर दी गई जानकारी जरूर देखनी चाहिए। किसी उत्पाद को लेकर संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है।
आधिकारिक रिपोर्ट की पुष्टि जरूरी
प्रियागोल्ड बिस्कुट, डोडला डेयरी के दूध और यूआईआर ऑर्गेनिक फूड्स की किशमिश से संबंधित दावे गंभीर हैं। इसलिए संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के आधिकारिक आदेश, प्रयोगशाला रिपोर्ट और उत्पादों के बैच संबंधी जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट में इन सभी दस्तावेजों का विस्तृत विवरण शामिल नहीं है।
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