नई दिल्ली: प्रधानमंत्री के 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास के पास तीन झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले 717 परिवारों को 6 मार्च तक अपने घर खाली करने को कहा गया है. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर कानूनी कार्रवाई होगी.
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अधीन भूमि एवं विकास कार्यालय द्वारा जारी नोटिस में रेस कोर्स रोड के पास स्थित बीआर कैंप, मस्जिद कैंप और डीआईडी कैंप में रहने वाले लोगों को उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सावदा घेवरा में उन्हें आवंटित फ्लैट में जाने के निर्देश दिए गए हैं.
यह कदम जनवरी 2024 में भूमि एवं विकास कार्यालय और दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) द्वारा दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की रिहैबिलिटेशन पॉलिसी के तहत किए गए एक जॉइंट सर्वे के बाद उठाया गया है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र ने इन तीनों क्लस्टर में रहने वाले सभी निवासियों के लिए घर आवंटित कर दिए हैं. उन्होंने बताया कि कुल 717 फ्लैट आवंटित किए गए हैं.
नोटिस में कहा गया है कि जेजे क्लस्टर सरकारी भूमि पर स्थित हैं और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) की नीति के अनुसार निवासियों के पुनर्वास के मकसद से पात्रता निर्धारित करने के लिए जनवरी 2024 में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के समन्वय से एक संयुक्त सर्वेक्षण किया गया था. नोटिस में कहा गया है कि पात्रता प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उसे मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद सावदा घेवरा डीयूएसआईबी कॉलोनी में वैकल्पिक आवास आवंटित किया गया है.
नोटिस में कहा गया है कि पुनर्वास और बेदखली के संबंध में नोटिस पहले 29 अक्टूबर 2025 को जारी किए गए थे, जिसमें निवासियों को उनके आवंटन के बारे में सूचित किया गया था और उन्हें पुनर्वास की सुविधा के लिए मौजूदा परिसर खाली करने की सलाह दी गई थी.
इस मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में भी चुनौती दी गई थी, जिसने 13 नवंबर 2025 के अपने आदेश में उचित प्रक्रिया का पालन करने का निर्देश दिया था. इसके बाद अधिकारियों ने निवासियों को छह मार्च तक परिसर खाली करने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया है.
नोटिस में कहा गया है कि अनुपालन न करने पर कानून के अनुसार बेदखली की कार्यवाही और ढांचों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी.
हालांकि, इस घोषणा से डर, भ्रम और गुस्सा फैल गया है, खासकर तब जब स्कूल बोर्ड एग्जाम चल रहे हैं. 45 साल की कमलेश ने पूछा कि, अगर उनसे 10 या 12 दिन में खाली करने के लिए कहेंगे, तो यह कैसे हो सकता है. कमलेश दशकों से इस बस्ती में रह रही हैं, ने पूछा कि, इससे उनके बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा. उनके दो बच्चों का अप्रैल में कक्षा 12वीं का बोर्ड एग्जाम है. ऐसे में वे क्या करें.
कक्षा आठ के छात्र तुषार राजपूत ने कहा कि इस अनिश्चितता से उनका पढ़ाई पर फोकस नहीं हो पा रहा है. उनका आखिरी एग्जाम 7 मार्च को है. अगर 6 मार्च को तोड़फोड़ होती है, तो उसका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा. क्लास 9, 10, 11, 12वीं के छात्र, सबके एग्जाम हैं. नर्सरी के एग्जाम भी शुरू हो गए हैं. उनके एग्जाम फरवरी में शुरू हुए थे और मार्च आखिरी फेज है. अगर उन्हें अभी जाने के लिए मजबूर किया गया, तो पूरा साल बर्बाद हो जाएगा.


