पाकुड़: महिला हितैषी के रूप में पहचान बनाने वाले सदर प्रखंड की पूर्वी झीकरहट्टी पंचायत का केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की टीम ने बुधवार को निरीक्षण किया.
केंद्रीय टीम में शामिल दिल्ली स्थित पंचायती राज मंत्रालय के सेक्शन ऑफिसर मनिकंदन के. पी. और एसओपीआर सलाहकार संपा बासु ने अधिकारियों के साथ पंचायत पहुंचकर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की. टीम ने लाभार्थियों से लंबी बातचीत की और पंचायत भवन के सभी कार्यालयों का भ्रमण किया.
टीम का स्वागत जिला प्रशासन के अधिकारियों तथा पंचायत प्रतिनिधियों ने किया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आरसेट्टी द्वारा आयोजित कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया. इसके बाद विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का जायजा लिया गया और सैकड़ों लाभार्थियों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया.
‘कार्य सराहनीय, महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक’
केंद्रीय पंचायती राज विभाग के सेक्शन ऑफिसर मनिकंदन केपी ने कहा कि राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के लिए पूरे देश में केवल पांच पंचायतों का चयन हुआ है, जिनमें पाकुड़ सदर प्रखंड की झीकरहट्टी पूर्वी पंचायत शामिल है. उन्होंने पंचायत के कार्यों की सराहना की और कहा कि यहां का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली है.

एसओपीआर सलाहकार संपा बासु ने बताया कि इस पंचायत में लगभग सभी योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक देखी गई. पंचायत की मुखिया भी महिला हैं. उन्होंने कहा कि इस पंचायत को उदाहरण मानकर जिले की अन्य पंचायतें भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं. उन्होंने लोगों से पंचायती व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की.
‘जिला प्रशासन और लोगों की मेहनत का नतीजा’
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि झारखंड में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सदर प्रखंड की झीकरहट्टी पूर्वी पंचायत उभरकर सामने आई है. इसमें जिला प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों की कड़ी मेहनत के साथ-साथ स्थानीय लोगों का विशेष सहयोग मिला, जिसके कारण पूरे देश में इस पंचायत का नाम हो रहा है.
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा, डॉ. अमित कुमार, डॉ. के.के. सिंह, बीडीओ समीर अल्फ्रेड मुर्मू, सीओ कुमार अरविंद वेदिया, जेएसएलपी के डीपीएम प्रवीण मिश्रा, आरसेट्टी निदेशक सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.


