Sunday, March 22, 2026

पाकुड़ में कल्याण विभाग से हुई अवैध निकासी की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

Share

पाकुड़: सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए कल्याण विभाग को भेजी गयी करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी पाकुड़ में हुई है. इस मामले में सरकारी सेवकों और बैंक कर्मियों की संलिप्तता मामले में आइटीडीए निदेशक सह प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी अरूण एक्का द्वारा प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गयी है.

कल्याण विभाग के जिन कर्मियों पर पदाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी एडवाइस के आधार पर 12 करोड़ 38 लाख 66 हजार 600 रुपये की अवैध निकासी के आरोप लगाये गये हैं. उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है उनमें से कम्प्यूटर ऑपरेटर सुरज कुमार केवट, अनुसेवक अक्षय रविदास और कार्यालय अधीक्षक मानवेंद्र झा को नगर थाने की पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और पुछताछ जारी है.

कल्याण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी एडवाइस और जिला कल्याण पदाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर के जरीये भारतीय स्टेट की मुख्य शाखा से सरकारी राशि की साजिश के तहत की गयी निकासी और गबन के मामले का खुलासा बैंक के अधिकारी द्वारा एडवाइस में पदाधिकारी के हस्ताक्षर के संदेह होने पर 8 दिसंबर को हुआ है.

लेकिन बीते नवंबर माह में एसबीआई में कल्याण विभाग के खाते से फर्जी कागजात दस्तावेज और अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से कई बार राशि की निकासी की गयी. लेकिन न तो उस वक्त बैंक के अधिकारियों और न ही कल्याण विभाग के पदाधिकारी को इसकी भनक लग पायी.

ऐसे में यह सवाल उठ रहे है कि बीते नवंबर में फर्जी एडवाइस के आधार पर जो निकासी हुई उस समय कल्याण पदाधिकारी के हस्ताक्षर का मिलान सही तरीके से बैंक में क्यों नही किया गया. नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस फर्जी निकासी के इस मामले में शामिल कल्याण विभाग के कर्मियों के अलावा नामजद अभियुक्तों के बैंक खातों एवं निकासी की गयी राशि का किये गये इस्तेमाल की जानकारी लेने में जुट गयी है.

आइटीडीए निदेशक सह प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी अरूण एक्का ने बताया कि फर्जी निकासी मामले में शामिल कम्प्यूटर ऑपरेटर सुरज कुमार केवट को बर्खास्त कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि कार्यालय अधीक्षक मानवेंद्र झा एवं अनुसेवक अक्षय रविदास के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को लेकर वरीय पदाधिकारियों को रिपोर्ट की गयी है.

बता दें कि बीते कम्प्यूटर ऑपरेटर सुरज कुमार केवट, कार्यालय अधीक्षक मानवेंद्र झा एवं अनुसेवक अक्षय रविदास द्वारा कल्याण विभाग के खाता संख्या 11440445629 से राशि हस्तांतरण को लेकर एक एडवाइस भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में ले जाया गया है. बैंक में प्रस्तुत एडवाइस में जिला कल्याण पदाधिकारी का हस्ताक्षर मेल नहीं खाने में मामले की जानकारी मुख्य प्रबंधक अविनव कुमार ने जिला प्रभारी कल्याण पदाधिकारी अरूण एक्का को दी.

इसकी सूचना मिलते ही अरूण एक्का ने बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक को कार्यालय में बुलाया और जब बैंक में प्रस्तुत एडवाइस से कार्यालय के पंजीयों से मिलान किया गया तो न केवल एडवाइस बल्कि पदाधिकारी के हस्ताक्षर भी फर्जी पाये गये. सरकारी कर्मियों द्वारा एकमत होकर सरकारी विश्वास का हनन करने, सोची समझी साजिश के तहत जिला कल्याण पदाधिकारी के हस्ताक्षर का नकल कर फर्जी दस्तावेज के सहारे सरकारी राशि के गबन के मामले का उजागर हुआ.

इसको लेकर प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी अरूण कुमार एक्का द्वारा नगर थाना में कम्प्युटर ऑपरेटर सुरज कुमार केवट, अनुसेवक अक्षय रविदास एवं कल्याण विभाग के कार्यालय अधीक्षक मानवेंद्र झा के अलावे मुकेश कुमार, मिठु कुमार झा, मिंटु कुमार मिश्रा, विप्लव साहा, बीना देवी, निरंजन कुमार मिश्रा, पुर्णिमा कुमारी, पुजा कुमारी, प्रितम कुमार झा, प्रदीप कुमार झा, प्रताप रविदास, मनीषा मुर्मू, ज्ञानी देवी, राजेश कुमार दास संगीता कुमारी, चंदा देवी, अरूण कुमार गुप्ता, अमित कुमार अमर, आदित्य कुमार कश्यप, गौरव कुमार, लालु भाष्कर, शिव इंटर प्राइजेज एवं साहा इंटर प्राइजेज के खिलाफ नगर थाने में लिखित शिकायत की गयी.

जिला कल्याण पदाधिकारी की लिखित शिकायत पर नगर थाने में कांड संख्या 319/25 दर्ज किया गया है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की दी है. कल्याण विभाग के कम्प्यूटर ऑपरेटर, अनुसेवक एवं कार्यालय अधीक्षक द्वारा एक साल से भी अधिक समय से फर्जी एडवाइस और पदाधिकारी के हस्ताक्षर का नकल कर करोड़ों रुपये की राशि भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से निकासी की गयी है. आइटीडीए निदेशक सह जिला कल्याण पदाधिकारी अरूण एक्का ने बताया कि फर्जी एडवाइस से निकासी मामले में बैंक कर्मियों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता.

इस मामले में नगर थाना प्रभारी बबलु कुमार ने बताया कि कल्याण पदाधिकारी के लिखित शिकायत पर अनुसेवक, कार्यालय अधीक्षक एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. उन्होने बताया कि कल्याण विभाग के कई कर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले का अनुसंधान गहनता से की जा रही है.

Read more

Local News