भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच से पाकिस्तान के हटने पर पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी राशिद लतीफ ने प्रतिक्रिया दी है. उनका मानना है कि पाकिस्तान पर प्रतिबंधों की संभावना कुछ समय से बनी हुई है, लेकिन उनका ये कड़ा रुख आखिरकार सभी हितधारकों को बातचीत की मेज पर वापस ला सकता है.
राशिद लतीफ के बयान तब सामने आया जब पाकिस्तन की सरकार ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार ICC वर्ल्ड T20 2026 में भाग लेने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट टीम को मंजूरी देती है, हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी.’
पाकिस्तान के बैन होने का खतरा
पूर्व पाकिस्तानी कप्तान राशिद लतीफ ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, ‘पाकिस्तान ने आखिरकार बड़ा और कड़ा कदम उठाया है, इसकी वजह से उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है, और उन्हें इस बात की जानकारी होनी चाहिए. हम पिछले हफ्ते से इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि ऐसा नतीजा संभव है. अब बातचीत शुरू हो सकती है, खासकर ब्रॉडकास्टर्स के शामिल होने के साथ, क्योंकि इस मैच में बहुत सारा पैसा दांव पर लगा है.’

यह फैसला पॉलिटिकलीय लिया गया है
लतीफ ने आग कहा, ‘यह फैसला पॉलिटिकल हालात को ध्यान में रखकर लिया गया है. इससे पहले, भारत ने ऐसे कदम उठाए थे, जिसमें न्यूट्रल वेन्यू और हाइब्रिड मॉडल शामिल थे. पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े साउथ एशिया के मौजूदा पॉलिटिकल हालात को देखते हुए, यह कदम बड़े इलाके के हालात से जुड़ा है. बांग्लादेश में चुनाव होने वाले हैं, और पश्चिम बंगाल में भी चुनाव होने वाले हैं, जो इस मामले में एक और बात जोड़ता है.’
उन्होंने कहा, ‘अगर हम पिछले साल के डेवलपमेंट को देखें, जिसमें बॉर्डर पर हुई घटनाएं और एशिया कप के दौरान हाथ मिलाने से मना करना जैसे इशारे शामिल हैं, तो इन सभी वजहों ने पाकिस्तान के फैसले पर असर डाला है. ऐसा लगता है कि पाकिस्तान सरकार ने इस चिंता के साथ काम किया कि देश पर बैन लग सकते हैं.’

यह बॉयकॉट यहीं तक सीमित नहीं होगा
लतीफ ने आगे कहा, ‘यह बॉयकॉट सिर्फ इस वर्ल्ड कप तक ही सीमित नहीं होगा. इंग्लैंड में विमेंस T20 वर्ल्ड कप और फिर एशिया कप भी है. उन्होंने आगे कहा, ‘वर्ल्ड कप में, एक इंडिया-पाकिस्तान मैच की कीमत लगभग 40-50 मिलियन डॉलर होती है, इसलिए इसके न होने से फाइनेंशियल असर बहुत ज्यादा होगा.’
लतीफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान 2027 वर्ल्ड कप जैसे ICC इवेंट्स से दूर रहता है, तो इन टूर्नामेंट्स की ओवरऑल वैल्यू और रेवेन्यू को नुकसान होगा, जिसका असर उन एसोसिएट मेंबर देशों पर पड़ेगा जो ICC और ACC फंडिंग पर निर्भर हैं. अगर ओवरऑल रेवेन्यू में कमी आती है, तो इसका असर हर जगह महसूस होगा.’

पाकिस्तान को नुकसान का अंदाजा होगा
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पाकिस्तान ने शायद पहले ही संभावित नुकसान का अंदाजा लगा लिया होगा और संभावित पाबंदियों के लिए तैयारी कर ली होगी, और कहा कि अगर बातचीत नहीं होती है तो ICC को खुद काफी फाइनेंशियल नुकसान होगा.
पाकिस्तान पर संभावित प्रतिबंध
कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि पाकिस्तान को इस फैसले की वजह से बड़ा नुकसान हो सकता है. ICC उनपर कड़े प्रतिबंध लगा सकता है. जिसमें उनके रेवेन्यू शेयर को फ्रीज करना, पाकिस्तान सुपर लीग में विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर बैन लगाना, और टीम को इंटरनेशनल मैच खेलने से रोक लगाना शामिल है.
भारत के मैच का बॉयकॉट करने का कारण
बता दें कि पाकिस्तान की सरकार ने भारत के खिलाफ मैच बॉयकॉट करने का कोई कारण नहीं बताया. हालांकि ये माना जा रहा है कि पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने के लिए ऐसा कर रहा है. बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत से बाहर अपने मैचों को स्थानांतरित करने की मांग के कारण टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया और ग्रुप C में उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया.


