Friday, March 27, 2026

पहेली बनी लाश; पुलिस 15 दिन बाद भी खाली हाथ

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कदवा प्रखंड के गोपीनगर पंचायत के रहुआ बांध में 15 दिन पहले मिले सिर कटे शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद न तो शव की शिनाख्त हुई है और न ही हत्यारे का कोई सुराग मिला है। 8 जून को मिला यह लगभग 35 वर्षीय युवक का शव बुरी तरह गल चुका था, जिससे फिंगरप्रिंट से भी पहचान संभव नहीं हो पाई। पुलिस अभी भी मामले को सुलझाने में लगी है।

कटिहार। प्रखंड के गोपीनगर पंचायत के रहुआ बांध में अज्ञात सिर कटा शव की पहचान पुलिस के लिए पहेली बन गई है। शव बरामदगी के 15 दिन बाद भी ना तो शव की शिनाख्त हो पाई है और ना ही हत्यारे का कोई सुराग मिला है।

पुलिस की कोशिश अब तक सार्थक परिणाम सामने नहीं ला पाई है। लिहाजा, क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा हो रही है। बता दें कि 8 जून को रहुआ बांध में धान काटने के दौरान मजदूरों ने गमछे में बंधा सिर देखा था।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने सिर को कब्जे में लेकर खोजी कुत्ता की मदद से धड़ को खेत में बने नाले से बरामद किया था। शव लगभग 35 वर्षीय युवक का प्रतीत हो रहा था। शव के सिर के पास पेंट शर्ट भी बरामद किया गया था।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। आसपास के गई गांव के सैकड़ों लोगों की वहां भीड़ जुटी थी। बावजूद शव पहचान में नहीं आया था।

बाहर के युवक का शव होने की आशंका

चर्चा है कि संभव है कि बाहर के युवक का शव हो। किसी बाहर के युवक को यहां बुलाकर हत्या कर सुनसान बांध में फेंक दिया गया हो। हालांकि पुलिस अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचा जल्दबाजी होना बता रही है। बताया जाता है कि इंटरनेट मीडिया पर खबर प्रसारित होने पर राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश से लोगों ने फोन किया था लेकिन शव की शिनाख्त नहीं हुई।

तीन दिन बाद शव का हुआ था पोस्टमार्टम

पुलिस ने शव का कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेजा था। बताया जाता है कि वहां तीन दिन बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस के अनुसार शव की हालत इतनी बुरी हो गई थी कि उसके हाथ की अंगुली गल गई थी। नतीजतन, फिंगर प्रिंट से भी शिनाख्त की संभावना नहीं रही थी।

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