Sunday, June 14, 2026

पश्चिम एशिया में तनाव और आईटी शेयरों में बिकवाली के कारण सेंसेक्स 150 अंक और निफ्टी 53 अंक गिरकर बंद हुए.

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव देखा गया. पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों में घबराहट रही, जिससे बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ. अमेरिका द्वारा ईरान पर की गई ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल बन गया.

कारोबार के अंत में, एनएसई का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 (Nifty 50) 53.35 अंक यानी 0.23% गिरकर 23,161.60 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, बीएसई का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 150.63 अंक यानी 0.20% की कमजोरी के साथ 73,832.55 पर बंद हुआ.

बाजार गिरने के मुख्य कारण
भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर और कड़े हमलों की चेतावनी के बाद निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बना ली.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना: ईरान द्वारा इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को बंद करने की घोषणा से वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति ठप होने का डर बढ़ गया है. इससे भारत जैसे तेल आयातक देशों पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है.

रुपये में कमजोरी: सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ने से डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ, जिसके चलते पिछले दो दिनों से बढ़त बना रहा भारतीय रुपया आज कमजोर होकर बंद हुआ.

सेक्टर्स और शेयरों का हाल
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर पर पड़ी. निफ्टी आईटी (Nifty IT), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और केमिकल इंडेक्स सबसे ज्यादा नुकसान में रहे. दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस और इटरनल निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल रहे, जिन्होंने पूरे बाजार को नीचे खींचने का काम किया. दूसरी ओर, व्यापक बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी तेज बिकवाली दिखी. निफ्टी मिडकैप 0.81% और स्मॉलकैप 0.67% टूटकर बंद हुए.

हालांकि, कुछ सेक्टर्स ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की. निफ्टी मीडिया, प्राइवेट बैंक और फार्मा सेक्टर्स बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे बाजार की गिरावट कुछ हद तक सीमित रही.

आगे के लिए तकनीकी स्तर
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए अब 23,300–23,400 का क्षेत्र एक मजबूत रेजिस्टेंस (रूकावट) के रूप में काम करेगा. बाजार में तेजी के लिए इस स्तर से ऊपर टिकना जरूरी है. वहीं, नीचे की तरफ 23,100 का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट (सहारा) है. अगर निफ्टी इस स्तर से नीचे जाता है, तो बाजार में और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है.

करेंसी मार्केट की बात करें तो विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रुपया 95.80 के स्तर को पार करता है, तो यह 96.50 की ओर जा सकता है, जबकि निचले स्तर पर 94.70 एक मजबूत बेस बना हुआ है.

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