पलामूः जिला के बिश्रामपुर प्रखंड से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है. गांव के लोग एक गर्भवती महिला को खटिया पर रखकर बाढ़ के पानी में जान को जोखिम में डाल नदी पार किया है. नदी पार करने के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग से मदद की गुहार लगाते रहे लेकिन उनके लिए कोई मदद नहीं मिली.
पलामू में बिश्रामपुर प्रखंड के राजखाड़ अंबेडकर नगर की रहने वाली चंपा देवी नामक महिला को सोमवार की शाम प्रसव पीड़ा शुरू हुई. अंबेडकर नगर बिश्रामपुर के धुरिया नदी के तट पर बसा हुआ है. प्रसव पीड़ा होने के बाद ग्रामीण एकजुट हुए और चंपा देवी को खाट लिटाया. ग्रामीण धुरिया नदी की बाढ़ के पानी में चंपा देवी को खाट पर लिटाकर पार किया. नदी में लोगों के छाती तक पानी थी लेकिन लोग साहस दिखाते हुए चंपा देवी की मदद की.
नदी पार करने के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मदद के लिए गुहार लगाते रहे लेकिन किसी भी अधिकारी ने मदद नहीं की. लोगों को मौके पर ममता वाहन या एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाया गया. ग्रामीण निजी खर्चे से वाहन कर चंपा देवी को अस्पताल पहुंचाया.
अंबेडकर नगर के रहने वाले अवधेश राम ने बताया कि चंपा देवी को उन लोगों ने जान को जोखिम में डालकर मदद की और नदी पार किया है. नदी पार करने के बाद वह मदद की गुहार लगाते रहे लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली है. उनका गांव काफी मुश्किलों का सामना कर रहा है नदी पर कोई पुल नहीं है जिस कारण लोगों को बाढ़ के पानी में ही जाना पड़ता है.
बिश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी सुधीर चंद्रवंशी ने कहा कि स्वास्थ्य प्रभारी से लेकर उन्होंने कई लोगों को कॉल किया लेकिन किसी ने कॉल का जवाब नहीं दिया है. यह मामला गंभीर है ग्रामीण जान जोखिम में डालकर मदद कर रहे हैं. वे मामले में सरकार और उच्च अधिकारियों से बात करेंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे.


