पटना: बिहार में पटना स्नातक एमएलसी सीट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में हैं। बिहटा में आयोजित एक कार्यक्रम की सामने आई तस्वीर ने सियासी अटकलों को हवा दे दी है। तस्वीर में मोकामा विधायक अनंत सिंह, पटना स्नातक सीट के दावेदार डॉ. अनुज सिंह और जेडीयू नेता छोटू सिंह एक ही मंच पर नजर आ रहे हैं।
इस तस्वीर के बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा है कि पटना स्नातक सीट को लेकर अनंत सिंह का रुख आखिर क्या है।
अनुज सिंह के समर्थन का कर चुके हैं ऐलान
पटना स्नातक सीट से डॉ. अनुज सिंह की दावेदारी को लेकर पहले से राजनीतिक चर्चा चल रही है। अनंत सिंह ने पिछले सप्ताह अनुज सिंह के समर्थन की बात कही थी। इसके बाद इस सीट को लेकर सियासी समीकरणों पर चर्चा और तेज हो गई।
बाद में जेडीयू की ओर से एक बैठक भी हुई थी। बैठक के बाद अनंत सिंह की तरफ से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इसी बीच जेडीयू के नीरज सिंह ने कहा था कि स्थिति सामान्य है। इसके बाद ऐसी अटकलें लगने लगी थीं कि अनंत सिंह जेडीयू के मौजूदा दावेदार नीरज कुमार के पक्ष में जा सकते हैं।
बिहटा की तस्वीर से फिर बदला चर्चा का रुख
अब बिहटा के कार्यक्रम की तस्वीर सामने आने के बाद मामला दोबारा सुर्खियों में है। तस्वीर में डॉ. अनुज सिंह और छोटू सिंह के साथ अनंत सिंह मंच पर दिखाई दे रहे हैं।
एक ही मंच पर इन नेताओं की मौजूदगी को लेकर तरह-तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, किसी कार्यक्रम में साथ दिखाई देना अपने आप में किसी उम्मीदवार के पक्ष में आधिकारिक समर्थन की पुष्टि नहीं करता।
अनंत सिंह किसके साथ जाएंगे, यही बड़ा सवाल
पटना स्नातक सीट को लेकर अब सबसे ज्यादा नजर अनंत सिंह के अगले राजनीतिक रुख पर है। पहले अनुज सिंह के समर्थन की चर्चा, फिर जेडीयू के संभावित समीकरण और अब बिहटा की तस्वीर ने इस सीट की राजनीति को दिलचस्प बना दिया है।
सवाल यह भी है कि क्या अनंत सिंह डॉ. अनुज सिंह के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे या जेडीयू के मौजूदा दावेदार नीरज कुमार को लेकर कोई नया समीकरण सामने आएगा। फिलहाल तस्वीर के आधार पर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
आधिकारिक घोषणा पर टिकी नजर
बिहटा में सामने आई तस्वीर के बाद पटना स्नातक एमएलसी सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जरूर तेज हुई हैं, लेकिन अनंत सिंह की ओर से इस तस्वीर के आधार पर कोई नया आधिकारिक समर्थन ऐलान सामने नहीं आया है।
जेडीयू की ओर से भी इस घटनाक्रम पर कोई नया आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में नेताओं के बयानों और पार्टी स्तर पर होने वाली घोषणाओं से ही तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
