Saturday, July 11, 2026

पटना में बिजली विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज

Share

राजधानी पटना की बिजली व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते हुए ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों की जवाबदेही तय की. फ्यूज कॉल पंजी की अनदेखी पर एक इंजीनियर से स्पष्टीकरण मांगा गया और दो अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है. पढे़ं पूरी खबर…

राजधानी पटना की बिजली आपूर्ति व्यवस्था का शुक्रवार देर रात औचक निरीक्षण किया गया. ऊर्जा सचिव सह बिजली कंपनी के सीएमडी मनोज कुमार सिंह खुद शहर के दर्जनभर फ्यूज कॉल सेंटर और कार्यालयों में पहुंचे. इस दौरान उन्होंने शिकायत रजिस्टर में दर्ज उपभोक्ताओं को कॉल कर बिजली संबंधित समस्याओं की जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान डाकबंगला क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता की बड़ी लापरवाही उजागर हुई. पाया गया कि वे बीते 20 दिनों से फ्यूज कॉल रजिस्टर का सत्यापन नहीं कर रहे थे. इसे गंभीरता से लेते हुए सीएमडी ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है.

गंभीर लापरवाही पर अधिकारियों पर कार्रवाई

सिर्फ इतना ही नहीं, पाटलिपुत्र क्षेत्र के सहायक अभियंता धीरेन्द्र कुमार और कनिष्ठ अभियंता नरेंद्र प्रसाद को निरीक्षण के दौरान गैरजिम्मेदाराना रवैये और कर्तव्य में लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. ऊर्जा सचिव ने साफ शब्दों में कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि फ्यूज कॉल रजिस्टर समेत सभी रिकॉर्ड्स को नियमित रूप से अपडेट किया जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय से निपटारा हो.

उच्चस्तरीय समीक्षा से बढ़ेगी आपूर्ति की विश्वसनीयता

इस निरीक्षण में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे. यह निरीक्षण खास तौर पर भीषण गर्मी और उससे उत्पन्न बिजली की बढ़ी हुई मांग के चलते किया गया. इसका उद्देश्य आपूर्ति व्यवस्था की मजबूती और उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा सुनिश्चित करना था.

Table of contents [hide]

Read more

Local News