Saturday, March 7, 2026

पटना प्रशासन ने बिना पंजीकरण चल रहे 45 से अधिक निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है।

Share

पटना प्रशासन ने बिना पंजीकरण चल रहे 45 से अधिक निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। इनमें 40 से अधिक बेड वाले अस्पताल शामिल हैं जिन्होंने लाइसेंस नहीं लिया है या नवीनीकरण नहीं कराया है।

पटना। पटना जिले में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे निजी अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जांच में ऐसे 45 से अधिक अस्पताल चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 40 से ज्यादा बेड होने के बावजूद उन्होंने सिविल सर्जन कार्यालय से आवश्यक लाइसेंस नहीं लिया है। प्रशासन ने ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि प्रशासन के निर्देश पर जिले के निजी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान कई ऐसे अस्पताल सामने आए जो क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण कराए बिना ही संचालन कर रहे हैं। इनमें करीब एक दर्जन अस्पताल ऐसे भी हैं जिनका पंजीकरण पहले था, लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है।

इन सभी संस्थानों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। चिह्नित अस्पतालों में सबसे अधिक संख्या न्यू बाइपास क्षेत्र में पाई गई है। इसके अलावा दानापुर, फुलवारीशरीफ और पटना सिटी इलाके में भी कुछ निजी अस्पताल जांच के दायरे में आए हैं।

जांच के बाद बढ़े लाइसेंस के आवेदन

सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल ने बताया कि जांच अभियान शुरू होने के बाद कई अस्पतालों की ओर से लाइसेंस के लिए आवेदन आने लगे हैं। वर्तमान में दो दर्जन से अधिक अस्पतालों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन्हें जांच के लिए जिलाधिकारी कार्यालय भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद एक बैठक आयोजित की जाएगी और पात्र पाए जाने वाले अस्पतालों को लाइसेंस जारी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 1 से 40 बेड वाले छोटे अस्पतालों को फिलहाल छूट दी गई है, जबकि 40 से अधिक बेड वाले अस्पतालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। बिना लाइसेंस संचालित अस्पतालों में औचक जांच भी की जा रही है और जहां गड़बड़ी मिल रही है वहां नोटिस जारी किया जा रहा है।

न्यूनतम मानकों का पालन जरूरी

सिविल सर्जन के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की संशोधित नियमावली 2025 के तहत 40 से अधिक बेड वाले सभी अस्पतालों को नैदानिक स्थापन (पंजीकरण एवं विनियमन) नियमों का पालन करना होगा। जिला स्तर पर गठित पंजीकरण प्राधिकरण में जिलाधिकारी को अध्यक्ष और सिविल सर्जन को संयोजक बनाया गया है।

नियमों के अनुसार अस्पतालों को पंजीकरण के लिए न्यूनतम मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसमें पर्याप्त डाक्टर और नर्स की उपलब्धता, मेडिकल रिकॉर्ड का रखरखाव, रिपोर्टिंग व्यवस्था, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, फायर सेफ्टी, प्रदूषण नियंत्रण समेत अन्य आवश्यक लाइसेंस शामिल हैं। अस्पतालों को निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन या आफलाइन आवेदन करना होगा।

Read more

Local News