Thursday, February 12, 2026

पटना के आईजीआईएमएस में 1200 बेड का अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बन रहा है।

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पटना के आईजीआईएमएस में 1200 बेड का अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बन रहा है। इसका लक्ष्य दिसंबर 2026 से पहले पूरा होना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का निरीक्षण कार्यक्रम रद्द हो गया, लेकिन अधिकारी निर्माण में तेजी लाने का प्रयास कर रहे हैं। यह नया अस्पताल इमरजेंसी, जटिल सर्जरी, आईसीयू और विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों से लैस होगा, जिससे बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार आएगा।

पटना। मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल आइजीआइएमएस में अधिक से अधिक रोगियों का उपचार हो सके, इसलिए बेड क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसके लिए 1200 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल बनाया जा रहा है। निर्माण की समीक्षा के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद निर्माण स्थल का निरीक्षण करने वाले थे। 

बीएमएसआईसीएल व संस्थान के पदाधिकारी तैयारियों में लगे थे। हालांकि, शाम चार बजे कार्यक्रम रद होने की सूचना आ गई। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर 2026 के पूर्व ही इस अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। 

1200 बेड का नया अस्पताल 

निदेशक प्रो. बिन्दे कुमार के अनुसार 1200 बेड का नया अस्पताल भवन प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा में मील का पत्थर होगा। इसमें इमरजेंसी, जटिल सर्जरी, पुनर्वास से लेकर हर तल पर सुपर स्पेशियलिटी इलाज की पूरी सुविधा मिलेगी। 

1200 बेड के इस अस्पताल में 160 बेड की अत्याधुनिक इमरजेंसी, 12 मॉड्यूलर ओटी, 90 बेड की आईसीयू समेत सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित किए जाएंगे। सरकार व स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता में होने के कारण मुख्यमंत्री निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए यहां समीक्षा करने आने वाले थे।

मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं

  • एक ही परिसर में सुपर स्पेशियलिटी इलाज।
  • इमरजेंसी से लेकर सर्जरी व रिहैबिलिटेशन तक की व्यवस्था।
  • आईसीयू व ओटी की बड़ी संख्या से प्रतीक्षा अवधि में कमी।
  • बच्चों, महिलाओं, मानसिक स्वास्थ्य और गंभीर रोगों के लिए अलग वार्ड।
  • आधुनिक उपकरण और बेहतर संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था।

किस तल पर क्या होगी सुविधा

बेसमेंट : वाहन पार्किंग की समुचित व्यवस्था, अन्य आवश्यक तकनीकी व सहायक सेवाएं।

भूतल (ग्राउंड फ्लोर) :

  • 164 बेड की अत्याधुनिक इमरजेंसी
  • 6 ऑपरेशन थिएटर
  • सेंट्रल स्टरलाइजेशन सर्विस डिपार्टमेंट (सीएसएसडी)
  • यहां गंभीर रोगियों के आपातकालीन उपचार व तुरंत सर्जरी की होगी सुविधा।

प्रथम तल 

  • गैस्ट्रो सर्जरी विभाग,
  • 90 बेड का गैस्ट्रो वार्ड
  • 60 बेड का स्त्री एवं प्रसूति रोग वार्ड
  • 30 बेड का आईसीयू
  • पेट संबंधी जटिल ऑपरेशन, महिलाओं की सर्जरी व गंभीर मरीजों की निगरानी।

द्वितीय तल

  • गैस्ट्रो मेडिसिन विभाग
  • 30 बेड का गैस्ट्रो सर्जरी वार्ड
  • 30 बेड का मनोचिकित्सा वार्ड
  • 150 बेड का शिशु रोग विभाग
  • बच्चों, मानसिक रोगियों व गैस्ट्रो मरीजों के लिए अलग-अलग विशिष्ट सुविधाएं।

तृतीय तल 

  • 60 बेड का गैस्ट्रो मेडिसिन वार्ड
  • 60 बेड का पीएमआर (फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन) वार्ड
  • 120 बेड का मेडिसिन वार्ड
  • लंबी बीमारी व पुनर्वास वाले मरीजों को विशेष देखभाल।

चौथा तल 

  • न्यूरोलॉजी मेडिसिन विभाग
  • 30 बेड का न्यूरोलॉजी वार्ड
  • 30-30 बेड का नेफ्रोलॉजी व यूरोलॉजी वार्ड
  • 120 बेड का सर्जरी वार्ड
  • किडनी, नसों व सामान्य सर्जरी के मरीजों के अलग विशिष्ट उपचार की सुविधा।

पांचवां तल

  • न्यूरोसर्जरी विभाग
  • 30 बेड का न्यूरोलॉजी मेडिसिन वार्ड
  • 120 बेड का हड्डी रोग (आर्थोपेडिक) वार्ड
  • 30 बेड का आईसीयू
  • दिमाग, रीढ़ व हड्डी संबंधी जटिल ऑपरेशन की सुविधा।

छठा तल 

  • 30 बेड का आईसीयू
  • 30 बेड का सर्जरी वार्ड
  • 12 मॉड्यूलर ओटी कॉम्प्लेक्स
  • 35 बेड का पोस्ट ओटी वार्ड
  • 21 बेड का प्री ओटी वार्ड
  • जटिल व बड़ी सर्जरी की तैयारी व ऑपरेशन के बाद गहन निगरानी की व्यवस्था।

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