Friday, July 10, 2026

नॉमिनेशन के बाद भड़क गए लालू यादव; फिर जो हुआ…

Share

लालू प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 13वीं बार नामांकन किया। 1997 में पार्टी के गठन के बाद से वह लगातार अध्यक्ष रहे हैं। कोई अन्य नामांकन न होने के कारण, उन्हें मंगलवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाएगा।   

पटना। लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को अपनी पार्टी राजद का 13वीं बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए के लिए नामांकन किया। 1997 में राजद का गठन होने के बाद से वही राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। नामांकन की समय सीमा समाप्त होने तक किसी और ने नामांकन नहीं किया। मंगलवार को उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा।

नामांकन का प्रारंभ दिन के 12 बजकर पांच मिनट पर होना था। लालू प्रसाद अपनी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पुत्र एवं विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के साथ समय से पहले पहुंच गए थे।

वे प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के कमरे में बैठे थे और बार-बार पूछ रहे थे कि नॉमिनेशन कब करना है। ठीक निर्धारित समय पर उन्होंने निर्वाची अधिकारी के कमरे में प्रवेश किया।

राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. रामचन्द्र पूर्वे एवं सहायक निर्वाचन पदाधिकारी चित्तरंजन गगन का उन्होंने ठीक उसी तरह अभिवादन किया, जिस तरह आम चुनावों के समय निर्वाची अधिकारी का किया जाता है। उसके बाद उन्होंने खड़े होकर चार सेट में नामांकन दाखिल किया। प्रत्येक नामांकन सेट पर 10 समर्थकों के हस्ताक्षर हैं।

मुझे भी आना पड़ेगा क्या?

नामांकन जमा करने के बाद उन्हें बताया गया कि मंगलवार को 10 से 12 बजे दिन के बीच जांच होगी। लालू ने निर्वाची अधिकारियों से पूछा- क्या उस समय मेरा रहना जरूरी है। उन्हें बताया गया कि वह चाहें तो न आएं, लेकिन प्रतिनिधि को अधिकार पत्र देकर जरूर भेज दें। लालू ने सहमति में सिर हिलाया। वे कुछ देर शांत बैठे रहे।

चाय पीने में कोई बाधा तो नहीं

उन्होंने निर्वाची अधिकारियों से पूछा कि आपके कक्ष में चाय पीने से कोई कानूनी बाधा तो नहीं आएगी। मैं तो चाय नहीं पिऊंगा। साथ बैठे लोगों को इसकी तलब होगी। उसके बाद चाय मंगाई गई।

लालू निकल ही रहे थे कि उन्होंने देखा कि कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में चैनल, प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि और यूटयूबर्स खड़े हैं। लालू भीड़ देखकर सहम गए।

उन्होंने निकलने से मना कर दिया। किसी ने सलाह दी कि गाड़ी में बैठे-बैठे बाइट दे दीजिएगा। लालू भड़क गए- ना। मुंहवे में माइक ठूंस देता है। भीड़ कम होने के बाद वे निकले। सहायक निर्वाचन अधिकारी चितरंजन गगन ने बताया कि राजद के संविधान में किसी व्यक्ति के कई बार अध्यक्ष बनने से रोकने का कोई प्रविधान नहीं है।

Read more

Local News