नासा एक बार फिर चंद्रमा या चांद पर एक बार फिर इंसान को भेजने की तैयारी में जुटा हुआ है. ओपोलो 17 मिशन के बाद यानी साल 1972 के बाद से यह पहला क्रूड चंद्र मिशन होगा यानी चांद का ऐसा मिशन, जिसमें इंसान भी जा रहे हैं. आर्टेमिस II मिशन के तहत तीन पुरुष और एक महिला अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की यात्रा पर निकलने वाले हैं. यह मिशन 1 अप्रैल 2026 को शाम 6:24 बजे EDT यानी भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह 3:54 AM पर लॉन्च होगा.
पिछले कुछ हफ्तों में ईंधन लीक जैसी दिक्कतों के बावजूद अब काउंटडाउन बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ रहा है. इस ऐतिहासिक यात्रा में नासा के रीड वाइसमैन कमांडर, विक्टर ग्लोवर पायलट, क्रिस्टीना कोच मिशन स्पेशलिस्ट और कनाडाई जेरेमी हैंसेन शामिल होंगे. SLS रॉकेट और ओरियन स्पेसक्राफ्ट पर सवाल होकर ये चारों यात्री 10 दिनों की यात्रा करेंगे.
मिशन का मकसद चंद्रमा पर उतरना या उसकी कक्षा में घूमना नहीं है. बल्कि चंद्रमा के पास से गुजरकर फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी पर वापस पृथ्वी लौटना है. चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण खींचकर स्पेसक्राफ्ट को आगे बढ़ाएगा और यात्री 9200 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर तक जाएंगे, जो किसी इंसान का अब तक का सबसे लंबा अंतरिक्ष सफर होगा.
कैसे करें लाइव ट्रैकिंग
नासा ने आम लोगों के लिए इस मिशन को लाइव ट्रैक करने की व्यवस्था भी की है. आर्टेमिस रीयल टाइम ऑर्बिट वेबसाइट (AROW) nasa.gov/trackartemis पर या ऐप के जरिए कोई भी नागरिक इस यात्रा को देख सकता है.
2022 में नए अनमैन्ड आर्टेमिस I मिशन की कामयाबी के बाद यह अगला बड़ा कदम है. उस समय स्पेसक्रॉफ्ट में 25 दिनों में चंद्रमा की परिक्रमा पूरी की थी. अब आर्टेमिस 11 हार्डवेयर और सिस्टम की जांच करेगा. इससे वैज्ञानिकों को पता चलेगा कि गहरे अंतरिक्ष में लंबी यात्रा इंसान के शरीर पर क्या असर डालती है. इसके लिए यात्रा से पहले और बाद में एस्ट्रोनॉट्स के खून से ऑर्गेनॉइड्स बनाकर अध्ययन किया जाएगा.
यह मिशन भविष्य के लूनर लैंडिंग के लिए रास्ता तैयार करेगा. आर्टेमिस II हार्डवेयर और सिस्टम की जांच करेगा. इससे वैज्ञानिकों को पता चलेगा कि गहरे अंतरिक्ष में लंबी यात्रा इंसान के शरीर पर क्या असर डालती है. इसके लिए यात्रा से पहले और बाद में एस्ट्रोनॉट्स के खून से ऑर्गेनॉइड्स बनाकर अध्ययन किया जाएगा.
यह मिशन भविष्य के लूनर लैंडिंग के लिए रास्ता तैयार करेगा. आर्टेमिस III में चंद्रमा के साउथ पोल क्षेत्र में उतरने की योजना है, जहां लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी बनाई जा सके. जेफ रेडिगन जैसे फ्लाइट डायरेक्टर का कहना है कि यह यात्रा इंसानों को पहले से कहीं ज्यादा दूर ले जाएगी.

वापसी में सर्विस मॉड्यूल अलग हो जाएगा और क्रू कैप्सूल पैराशूट से कैलिफोर्निया के तट पर समुद्र में उतरेगा. इस मिशन की सफलता से न सिर्फ चंद्रमा विज्ञान बल्कि गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण (Space Exploration) की नई संभावनाएं खुलेंगी.


