Thursday, March 26, 2026

धनबाद में आयोजित प्रांतीय खेल समापन समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार शामिल हुए.

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धनबाद: विद्या विकास समिति की तरफ से धनबाद के टुंडी में स्वरूप सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित तीन दिन का 36वां प्रांतीय खेलकूद का समापन हो गया. राज्यपाल संतोष गंगवार समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए और विजेताओं को पुरस्कृत किया. राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए इस इवेंट ने अपने गानों और म्यूजिक से सभी का मन मोह लिया. राज्यपाल ने बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रहने और स्पोर्ट्स में दिलचस्पी बढ़ाने की सलाह दी.

अपने भाषण के दौरान राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए बच्चों को स्पोर्ट्समैनशिप, डिसिप्लिन और कॉन्फिडेंस के साथ मुकाबला करते देखना एक अच्छा अनुभव था. यह इवेंट बच्चों के फिजिकल, मेंटल और मोरल डेवलपमेंट की दिशा में एक सराहनीय कोशिश है.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्पोर्ट्स सिर्फ मेडल या अवॉर्ड जीतने तक ही सीमित नहीं हैं. ये डिसिप्लिन, हार मानना ​​और विनम्रता से जीत स्वीकार करना भी सिखाते हैं. ये सहयोग, लीडरशिप, टाइम मैनेजमेंट और बेहतरीन काम के लिए लगन जैसे गुण भी डेवलप करते हैं, जो जीवन के हर पहलू में काम आते हैं. बचपन में स्पोर्ट्स में दिलचस्पी बढ़ाना एक हेल्दी, मजबूत और कॉन्फिडेंट समाज बनाने की मजबूत नींव है.

उन्होंने दूर-दराज के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में शिक्षा के लिए विद्या भारती के काम की तारीफ की. उन्होंने कहा कि इस तरह के स्पोर्ट्स इवेंट टैलेंट को पहचानने और उनके विकास को बढ़ावा देने के लिए एक खास प्लेटफॉर्म का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में, देश में स्पोर्ट्स को नई दिशा और एनर्जी मिल रही है. खेलो इंडिया जैसी पहल के जरिए, गांवों, कस्बों और दूर-दराज के इलाकों से टैलेंट को आगे लाने की कोशिश की जा रही है. इस संबंध में, हाल ही में घोषित नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी 2025 देश में स्पोर्ट्स के ओवरऑल डेवलपमेंट में एक अहम कदम है. इस पॉलिसी का मकसद भारत को ग्लोबल स्पोर्ट्स सुपरपावर के तौर पर स्थापित करना है.

उन्होंने कहा, “मुझे गर्व है कि झारखंड की धरती हमेशा से स्पोर्ट्स टैलेंट से भरपूर रही है.” महेंद्र सिंह धोनी, दीपिका कुमारी, पूर्णिमा महतो और सलीमा टेटे का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि इन सभी खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि अगर सही मौके और कड़ी मेहनत मिले तो छोटे गांवों या कस्बों का टैलेंट भी ग्लोबल लेवल पर चमक सकता है. उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर राज्य में स्पोर्ट्स के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को दिखाता है और यह लाइफस्टाइल का भी एक अहम हिस्सा है. उन्होंने कहा कि संघर्ष, मेहनत और लगन की भावना यहां की मिट्टी में गहराई से बसी हुई है. उन्होंने कहा कि आज स्कूल लेवल से ही बच्चों को स्पोर्ट्स की तरफ बढ़ावा देने की जरूरत है.

उन्होंने यह भी कहा कि स्पोर्ट्स में दुनिया की दिलचस्पी काफी बढ़ रही है, और हमारा देश भी इस दिशा में बहुत अच्छा काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह स्कूल बहुत अच्छा काम कर रहा है, खासकर आदिवासी इलाकों में. उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, और यह बात माता-पिता भी समझ रहे हैं. और परिवार वालों की जिम्मेदारी है कि वे छोटे बच्चों को जितना हो सके मोबाइल फोन से दूर रखें.

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