देवघर: श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों की सुविधा के लिए देवघर में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा सेवा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त सेवा शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनकी पत्नी अनुकांत दुबे भी मौजूद रहीं।
उद्घाटन कार्यक्रम में पूर्व मंत्री रणधीर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी, सचिन रवानी, अभयनंद झा सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि सेवा शिविर का उद्देश्य श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि शिविर में ठहरने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले कांवरियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि सेवा कार्य राजनीति से ऊपर है और भाजपा कार्यकर्ता इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं की सहायता करेंगे। सांसद ने जानकारी दी कि 13 अगस्त के बाद वह स्वयं भी शिविर में मौजूद रहकर सेवा कार्यों में हिस्सा लेंगे।
संबोधन में राजनीतिक मुद्दों का भी जिक्र
अपने भाषण के दौरान निशिकांत दुबे ने राज्य की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम लेते हुए दावा किया कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे। सांसद ने कहा कि उनकी पत्नी पर भी मुकदमा दर्ज हुआ था और उस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत की थी।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि उनके खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज हुए, लेकिन परिस्थितियां अलग दिशा में गईं। यह बयान उन्होंने राजनीतिक संदर्भ में दिया।
बयान पर बढ़ सकती है राजनीतिक चर्चा
सांसद निशिकांत दुबे अपने स्पष्ट और आक्रामक राजनीतिक बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। देवघर में दिए गए उनके ताजा बयान को भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय माना जा रहा है। हालांकि, इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सेवा शिविर बना श्रद्धालुओं के लिए सहारा
भाजपा की ओर से स्थापित यह सेवा शिविर श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्राम, भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित है। बड़ी संख्या में कांवरिए यहां पहुंच रहे हैं और उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का लाभ उठा रहे हैं। धार्मिक सेवा के साथ-साथ सांसद के राजनीतिक बयान के कारण यह कार्यक्रम भी चर्चा में बना हुआ है।
