Wednesday, April 1, 2026

देवउठनी एकादशी तुलसी विवाह पर चढ़ाई जाती है बेर, भाजी, आमला समेत 7 मौसमी चीजें

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देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु को अर्पित की जाती हैं सात मौसमी चीजें – गन्ना, बेर, आंवला, चने की भाजी, सिंघाड़ा, शकरकंद और बैंगन, जानें इनका महत्व.

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और सृष्टि के कार्य पुनः आरंभ होते हैं. इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है. इस दिन का धार्मिक महत्व तो है ही, साथ ही इस अवसर पर चढ़ाई जाने वाली मौसमी चीजें सेहत के नजरियें से भी बेहद लाभकारी होती हैं.

भगवान को जो चीजें अर्पित की जाती हैं, वे न केवल धार्मिक रूप से शुभ मानी जाती हैं, बल्कि शरीर को ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता और पोषण भी प्रदान करती हैं.

देवउठनी एकादशी पर चढ़ाई जाने वाली 7 मौसमी चीजें और उनका महत्व

Dev Uthani Ekadashi Bhog Prasad List Min

1. बैंगन

गन्ना इस दिन विशेष रूप से चढ़ाया जाता है. इसे पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. भगवान विष्णु को गन्ना अर्पित करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है.  गन्ना पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है. इसे अर्पित करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है.

2. बेर

बेर भगवान को प्रिय फल माना गया है. इसे चढ़ाने से जीवन में मिठास आती है. इतना ही नहीं यह विटामिन C से भरपूर होता है, जो त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभदायक है.

3. चने की भाजी

यह हरी सब्जी समृद्धि और स्वास्थ्य का प्रतीक है. इसमें आयरन और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन और रक्त निर्माण के लिए आवश्यक है. यह हरी सब्जी स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है। इसे देवउठनी के भोग में शामिल करना शुभ माना जाता है.

4. आंवला

आंवला भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और इसे अमृतफल कहा गया है. यह शरीर में विटामिन C की मात्रा बढ़ाता है, बालों, त्वचा और प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है.

5. सिंघाड़ा

सिंघाड़ा जल तत्व का प्रतीक है और इसे भोग में विशेष स्थान दिया गया है. यह शरीर को ठंडक देता है और इसमें कैल्शियम व आयरन होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं.

6. शकरकंद और आलूबुखारा

दोनों ही शरीर को ऊर्जा और फाइबर प्रदान करते हैं. शकरकंद में विटामिन A होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद है, जबकि आलूबुखारा पाचन क्रिया सुधारता है.

7. बैंगन

बारिश के समय में बैगन को खाने की सलाह नहीं डी जाती है क्यूंकी किटाणुओं का खतरा होता है.  देवउठनी के भोग में बैंगन को शामिल करने का विशेष महत्व है. इस दिन से कई लोग बैगन खाना शुरू कर देते है. यह शरीर में आयरन और फाइबर की पूर्ति करता है और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक है.

धार्मिक और स्वास्थ्य महत्व

देवउठनी एकादशी पर ये सात मौसमी चीजें भगवान विष्णु को अर्पित करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. वहीं, स्वास्थ्य की दृष्टि से इन मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है. मौसमी भोजन से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है और सालभर स्वास्थ्य ठीक बना रहता है.

1. देवउठनी एकादशी में क्या-क्या चढ़ाना चाहिए?

गन्ना, बेर, चने की भाजी, आमला, सिंघाड़ा, शकरकंद, आलूबुखारा और बैंगन जैसी मौसमी चीजें भगवान विष्णु को अर्पित करनी चाहिए.

2. क्या एकादशी व्रत में आलू खा सकते हैं?

हां, व्रत में उबला या सेंका हुआ आलू खाया जा सकता है, लेकिन तला-भुना भोजन नहीं करना चाहिए.

3. एकादशी की पूजा में कौन-कौन सी सामग्री लगती है?

तुलसी पत्ता, गंगाजल, दीपक, धूप, फूल, फल, मौसमी चीजें और भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति पूजा में आवश्यक मानी जाती है.

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