नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व दिग्गज भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर को बड़ी राहत देते हुए कई वेबसाइट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को पर्सनैलिटी राइट्स प्रोटेक्शन के तहत उनके नाम को उनकी सहमति के बिना गैर-कानूनी तरीके से इस्तेमाल करने से रोक दिया. इस तरह से वो पर्सनैलिटी राइट्स प्रोटेक्शन पाने वाले बने पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए.
दिल्ली हाई कोर्ट में सुनील गावस्कर की जीत
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार, 23 दिसंबर को सुनील गावस्कर के नाम और इमेज का गलत इस्तेमाल करने के आरोपियों को से ऐसे सभी पोस्ट, वीडियो और संबंधित कंटेंट को 72 घंटे के अंदर हटाने का आदेश दिया. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर व्यक्ति इसका पालन करने में विफल रहते हैं, तो प्लेटफार्म को खुद ही उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाना होगा.
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 22 मई को तय की है. 12 दिसंबर को, हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज को गावस्कर की याचिका पर सात दिनों के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, जिसमें उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग की थी.
गावस्कर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स वेबसाइटों द्वारा उनके नाम, तस्वीरों, व्यक्तित्व और समानता के अनधिकृत उपयोग को रोकने और अपने पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था. पब्लिसिटी का अधिकार, जिसे लोकप्रिय रूप से पर्सनैलिटी राइट्स के रूप में जाना जाता है, किसी की छवि, नाम या समानता से सुरक्षा, नियंत्रण और लाभ कमाने का अधिकार है.
कई हस्तियों ने कोर्ट का रुख किया
हाल ही में, बॉलीवुड अभिनेता ऐश्वर्या राय बच्चन, उनके पति अभिषेक बच्चन और उनकी सास जया बच्चन, ऋतिक रोशन, अजय देवगन और आर माधवन, फिल्म निर्माता करण जौहर, गायक कुमार सानू, तेलुगु अभिनेता अक्किनेनी नागार्जुन, ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर, पत्रकार सुधीर चौधरी और पॉडकास्टर राज शमानी ने भी अपने व्यक्तित्व और पब्लिसिटी अधिकारों की सुरक्षा के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था. कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी.बॉलीवुड एक्टर सलमान खान, तेलुगु एक्टर NTR राव जूनियर और आंध्र प्रदेश के डिप्टी चीफ मिनिस्टर पवन कल्याण ने भी अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है.


