Tuesday, March 17, 2026

 दरभंगा में शिक्षा सुधार के लिए डेढ़ दर्जन स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है.

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 दरभंगा में शिक्षा सुधार के लिए डेढ़ दर्जन स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है. इन स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की तैनाती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

बिहार के दरभंगा जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. डेढ़ दर्जन उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मॉडल स्कूल खोले जा रहे हैं. इन स्कूलों में विषयवार रिक्तियों के आधार पर शिक्षकों का ट्रांसफर कर पदस्थापन किया जाएगा. इन मॉडल स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को विभाग की ओर से विशेष आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसका उद्देश्य है कि शिक्षक बेहतर संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई करा सकें.

ई-शिक्षा कोष पोर्टल से करें आवेदन

जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने बताया कि इच्छुक शिक्षक ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. पोर्टल को आवेदन के लिए खोल दिया गया है. जिले के विभिन्न हाई स्कूलों के शिक्षक इसमें भाग ले सकते हैं.

नए सत्र से शुरू होगी पढ़ाई

दरभंगा शहर को छोड़कर लगभग सभी प्रखंडों में एक-एक मॉडल स्कूल खोलने की मंजूरी मिल चुकी है. नए शैक्षणिक सत्र से इन स्कूलों में पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी. उससे पहले सभी विषयों के शिक्षकों की तैनाती जरूरी है.

रिक्त पदों के अनुसार होगा ट्रांसफर

जिस मॉडल स्कूल में जिस विषय के शिक्षक की कमी है, वहां उसी आधार पर शिक्षकों का ट्रांसफर किया जाएगा. आवेदन में दिए विकल्प के अनुसार ही पदस्थापन किया जाएगा.

इन प्रखंडों में शुरू होंगे मॉडल स्कूल

अलीनगर के उमावि मोहिउद्दीनपुर पकड़ी, बेनीपुर के एसबी हाई स्कूल सझुआर, किरतपुर के जमालपुर हाई स्कूल और घनश्यामपुर के उमावि गनौन में मॉडल स्कूल संचालित होंगे. इसके अलावा कुशेश्वरस्थान पश्चिमी के एनके हाई स्कूल सतीघाट, पूर्वी के श्री कुशेश्वर हाई स्कूल, बहादुरपुर के डगरशाम हाई स्कूल और सदर प्रखंड के जनता हाई स्कूल जीवछघाट को भी मॉडल स्कूल बनाया गया है.

अन्य प्रखंडों में भी तैनाती होगी

हनुमाननगर, हायाघाट, जाले, केवटी, मनीगाछी, सिंहवाड़ा, गौड़ाबौराम, तारडीह और बहेड़ी प्रखंड के स्कूलों में भी शिक्षकों की तैनाती की जाएगी. इन सभी जगहों पर रिक्त पदों के अनुसार आवेदन मांगे गए हैं. प्रशासन का कहना है कि मॉडल स्कूलों के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी. छात्रों को बेहतर माहौल और संसाधन मिलेंगे. इससे जिले में शिक्षा का स्तर उठेगा.

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