दरभंगा | 31 अक्टूबर 2026 | Bharat Superfast News
मिथिला में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना प्रस्तावित है। दरभंगा तारामंडल परिसर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्पेस गैलरी और स्पेस इनोवेशन सेंटर विकसित किया जाएगा। इसके लिए इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीम ने दरभंगा पहुंचकर प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया।
इस परियोजना पर लगभग 61 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रस्ताव है। दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर के अनुसार, इसमें से 36 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। परियोजना के पूरा होने पर विद्यार्थियों और युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, आधुनिक तकनीक और अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों को करीब से समझने का अवसर मिल सकेगा।
दो एकड़ में विकसित होगी स्पेस गैलरी
प्रस्तावित योजना के तहत करीब दो एकड़ जमीन पर स्पेस गैलरी, इनोवेशन लैब और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां विद्यार्थियों को भारत के प्रमुख अंतरिक्ष अभियानों की जानकारी दी जाएगी।
गैलरी में चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य एल-1 और गगनयान जैसे मिशनों के मॉडल और प्रदर्शन सामग्री रखे जाने की योजना है। इसके अलावा प्रक्षेपण यानों के थ्री-डी मॉडल के माध्यम से भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
3D मॉडल और वर्चुअल रियलिटी से समझेंगे अंतरिक्ष विज्ञान
इस केंद्र में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित कई सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इनमें 3D मॉडल, वर्चुअल रियलिटी और स्पेस वॉक सिमुलेशन जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।
इनके माध्यम से छात्र अंतरिक्ष अभियानों और अंतरिक्ष यात्रियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक रोचक और व्यावहारिक तरीके से समझ सकेंगे।
रोबोटिक्स, रॉकेट्री और कोडिंग की मिलेगी ट्रेनिंग
स्पेस इनोवेशन सेंटर का उद्देश्य केवल अंतरिक्ष से जुड़ी प्रदर्शनी लगाना नहीं होगा। यहां विद्यार्थियों के लिए रॉकेट्री, रोबोटिक्स, मिनी सैटेलाइट और कोडिंग जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रस्तावित है।
इसके साथ ही कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इससे स्कूली बच्चों, इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों और विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं को नई तकनीकों को सीखने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
61 करोड़ रुपये की परियोजना, 36 करोड़ की मिली स्वीकृति
इस परियोजना को लेकर स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर की अध्यक्षता में दरभंगा परिसदन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी हुई।
सांसद के मुताबिक, परियोजना की कुल अनुमानित लागत 61 करोड़ रुपये है, जिसमें 36 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र के स्थापित होने से मिथिला के विद्यार्थियों और युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान एवं अनुसंधान से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं अपने क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेंगी।
मिथिला में विज्ञान शिक्षा को मिलेगा नया मंच
डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि स्पेस गैलरी और इनोवेशन सेंटर बनने से दरभंगा तारामंडल की पहचान का विस्तार होगा। यह स्थान खगोलीय प्रदर्शन के साथ-साथ विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार की गतिविधियों का केंद्र भी बन सकता है।
इस परियोजना से मिथिला के विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी हासिल करने के लिए दूर-दराज के संस्थानों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
यदि प्रस्तावित योजना तय स्वरूप में विकसित होती है, तो दरभंगा तारामंडल बिहार में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
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