तेजस्वी यादव ने दिल्ली से लौटकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के व्यवहार को अमर्यादित बताया। उन्होंने विधान परिषद में सीएम के आचरण और राबड़ी देवी पर टिप्पणी की निंदा की। तेजस्वी ने राज्य में महिला अपराध बढ़ने और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
पटना। दिल्ली से मंगलवार को पटना लौटे नेता प्रतिपक्ष सह राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की व्यवस्था के बेपटरी होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के व्यवहार को अमर्यादित बताया।
उन्होंने विधान परिषद में मुख्यमंत्री (CM Nitish Kumar) के आचरण को सदन और सदस्यों की मर्यादा के प्रतिकूल बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के विरुद्ध नीतीश की टिप्पणी की भर्त्सना करते हुए कहा कि ऐसी भाषा अनुचित थी और इससे बिहार के गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकता है।
हवाईअड्डा पर ह्वील-चेयर से तेजस्वी अपने वाहन तक आए, जिससे लोगों ध्यान सहज रूप से आकर्षित हुआ। आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के विरुद्ध अपराध तेजी से बढ़ रहा है और सरकार निर्णायक कार्रवाई नहीं कर रही।
महिलाओं के लिए गलत संदेश देती सीएम की भाषा
राबड़ी देवी के साथ राजद के सदस्यों ने सदन में यह मुद्दा उठाया, लेकिन इन पर ध्यान देने के बजाय मुख्यमंत्री की भाषा महिलाओं के लिए गलत संदेश देती है और अपराधियों को बढ़ावा देती है।
कहा कि उम्र बढ़ने के साथ कुछ समस्याएं स्वाभाविक हैं। उन्होंने प्रशासन के कामकाज पर भी प्रश्न उठाया। आरोप लगाया कि विधानसभा में मुख्यमंत्री का माइक बंद रहा, जो यह दर्शाता है कि उन पर दबाव डाला जा रहा है और निर्णय दूसरों के मार्गदर्शन में लिए जा रहे हैं।
मुजफ्फरपुर आश्रय गृह प्रकरण और सृजन घोटाले जैसे बड़े मामलों में दोषियों को बचाने का आरोप लगाया। कहा कि बिहार में लोकतंत्र खतरे में है और राज्य में पारदर्शी शासन की जगह भय और धमकी का माहौल है।
इधर शाम में उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां से मिलकर बिहार की विधि व्यवस्था को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा है।


